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इनसे रहें सावधान! नहीं तो आप से भी वसूल सकते हैं पैसे

पशुओं के स्वास्थ्य के लिए पशुपालन विभाग ने भले ही निशुल्क दवा वितरण योजना लागू कर रखी हो, लेकिन पशु स्वास्थ्य एवं प्रजनन कार्ड के लिए प्रत्येक पशुपालक से शुल्क लिया जा रहा है।

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पशुओं के स्वास्थ्य के लिए पशुपालन विभाग ने भले ही निशुल्क दवा वितरण योजना लागू कर रखी हो, लेकिन पशु स्वास्थ्य एवं प्रजनन कार्ड के लिए प्रत्येक पशुपालक से शुल्क लिया जा रहा है। हकीकत यह है कि जिले में 26 हजार पशुपालकों से विभाग अब तक सवा लाख रुपए से अधिक की राशि वसूल चुका है। वहीं, कार्ड के बारे में स्पष्ट गाइडलाइन नहीं होने से पशुपालकों को फायदा नहीं हो रहा है। गौरतलब है कि जिले में एक वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में 212 से ज्यादा पशु वर्तमान में हैं। जबकि कार्ड महज 26 हजार ही वितरित किए गए हैं।

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कार्डों में नहीं हो रही एंट्री

पशुओं के स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल के लिए पशुपालन विभाग की ओर से पशु स्वास्थ्य एवं प्रजनन कार्ड शुरू किया गया था। जिले में यह योजना महज कागजों में ही चल रही है। पशु औषधालयों में न तो इन कार्डों में एंट्री हो रही है और न ही पशुपालकों को इसकी जानकारी है। हकीकत ये है कि जिले में पशुपालकों से आउटडोर पर्ची के अलावा पांच रुपए लेकर कार्ड थमाए जा रहे हैं और इसके लिए पशुपालकों से आधार कार्ड नम्बर व राशनकार्ड नम्बर की प्रति मांगी जा रही है लेकिन चिकित्सक जब कार्डों में एंट्री ही नहीं कर रहे हैं तो इसका क्या उपयोग होगा। एेसे में इस योजना के पूरी तरह कागजी साबित हो रही है।

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यह है उद्देश्य

एफएमडीसीपी योजना के तहत पशुधन की मॉनीटरिंग के लिए यह व्यवस्था की जा रही है। कार्ड में पशुओं की सेहत संबंधी जानकारी के अलावा पशुधन के जन्म, क्रय, विक्रय, कृत्रिम गर्भाधन इत्यादि का विवरण भी दर्ज होगा। कार्ड के जरिए पशुपालक को विभिन्न जानकारी दी जाएगी। साथ ही प्रगतिशील पशुपालक का चयन भी कार्ड के आधार पर होगा।

ऐसा कुछ नहीं है। जिले में 26 हजार पशुओं को स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। पशुपालक कार्ड में पशु जन्म से लेकर जितनी बार चिकित्सक के पास इलाज के लिए लेकर आएगा, उसकी जानकारी दर्ज की जाएगी।

डा. जीएल लूणिया, संयुक्त निदेशक पशुपालन

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