
विश्व रेडियो दिवस आज: याद हैं वे दिन जब सुबह की शुरुआत रेडियो के साथ होती थी
World Radio Day Today: Remember days when the morning started with radio
सीकर. आज पूरे विश्व में रेडियो दिवस(radio day) मनाया जा रहा है। मोबाइल और इंटरनेट के इस दौर में आज भी रेडियो के लिए लोगों की दीवानगी देखने को मिलती है। 13 फरवरी को ही पहली बार रेडियो की आवाज सुनाई दी थी। इस के बाद समय के साथ-साथ रेडियो के स्वरूप में भी बदलाव हुआ है, लेकिन फिर भी इसकी लोकप्रियता बरकरार है। रेडियो के माध्यम से भारत की आजादी की घोषणा हुई। देश में इमरजेंसी लगी तो भी तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने रेडियो से एलान किया।
वर्तमान में प्रधानमंत्री (prime minister)नरेन्द्र मोदी के खास कार्यक्रम मन की बात ने भी लोगों के अंदर रेडियो के प्रति दीवानगी और बढ़ाया है। रेडियो के सहारे किसी का बचपन बीता तो किसी का बुढ़ापा। लेकिन, रेडियो कभी अतीत नहीं बना। डिजिटल युग में स्मार्ट फोन की वजह से हम सब की लाइफस्टाइल जरूर बदल गई है, जिससे रेडियो के प्रति लोगों की दीवानगी कम हो गई है। हालांकि, रेडियो को चाहने वाले अब भी इसे सहेजकर रखे हुए हैं। भले ही आधुनिक वक्त में कहीं ना कहीं रेडियो का महत्व लोगों के बीच खत्म होता जा रहा है और घरों में रेडियो नजर नहीं आता। पहले लोग दिनभर समाचार और फिल्मी गीत-संगीत सुनने के लिए रेडियो के पास बैठा करते थे, लेकिन आज सभी के पास एन्ड्रॉयड फोन है और लोग पहले की तरह रेडियों नहीं सुनते।
विश्व रेडियो दिवस का उद्देश्य और महत्व
विश्व रेडियो दिवस मनाने का उद्देश्य जनता और मीडिया के बीच रेडियो के महत्व को बढ़ाने के लिए जागरूकता फैलाना है। दरअसल यह निर्णयकर्ताओं को रेडियो के माध्यम से सूचनाओं की स्थापना एवं जानकारी प्रदान करने, नेटवर्किंग बढ़ाने तथा प्रसारकों के बीच एक प्रकार का अंतरराष्ट्रीय सहयोग प्रदान करने के लिए भी प्रोत्साहित करता है। साल 2012 को विश्वभर में प्रथम विश्व रेडियो दिवस मनाया गया। शिक्षा के प्रसार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सार्वजनिक बहस में रेडियो की भूमिका को रेखांकित करते हुए यूनेस्को ने पहली बार 13 फरवरी 2012 को विश्व रेडियो दिवस के रूप में मनाया।
Published on:
13 Feb 2021 07:15 pm
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