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बलियरी स्कूल की दो शिक्षिका वर्ष भर की छुट्टी पर

बैढऩ संकुल के पूर्व.माध्य. विद्या. बलियरी का मामला

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सिंगरौली. शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय बलियरी की दो महिला अध्यापक लंबी छुट्टी पर चली गई हैं। एक महिला अध्यापक नौ महीने की एवं दूसरी महिला अध्यापक तीन महीने की छुट्टी पर गई हैं। संतान पालन अवकाश के आधार पर इन्हें छुट्टी दी गई है। इनके छुट्टी पर चले जाने से शिक्षकों की कमी से जूझ रहे विद्यालय की समस्या ज्यादा बढ़ गई है। अतिथि शिक्षकों की पदस्थापना फिलहाल नहीं हो पाई है। अभी प्रक्रिया पूरी होने में समय लगेगा। ऐसे में रिक्त हुए पद की पूर्ति जल्दी हो पाना मुश्किल है। वहीं छात्र - छात्राओं के अध्ययन - अध्यापन में भी इसका बुरा असर पड़ेगा।

संकुल प्राचार्य ने स्वीकृति किए अवकाश
संतान पालन के आधार पर छुट्टी स्वीकृत करना तो ठीक है लेकिन एक ही स्कूल से एक साथ दो शिक्षकाओं को अवकाश स्वीकृति करना संकुल प्राचार्य की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा कर रहा है। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बालक बैढऩ के संकुल प्राचार्य ओपी शर्मा ने अवकाश स्वीकृत किया है। शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय बलियरी में पदस्थ अध्यापिक जयश्री भूत का अगस्त २०१८ से २६ अप्रैल २०१९ तक अवकाश स्वीकृत किया गया है। इसी प्रकार शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय बलियरी में ही पदस्थ सहायक अध्यापिका निर्मला मिश्रा का अगस्त २०१८ से १८ अक्टूबर २०१८ तक अवकाश स्वीकृत किया गया है।

स्कूल में पदस्थ शिक्षक
संतान पालन अवकाश तो महिला अध्यापकों को नियमों के मुताबिक दिया जाना चाहिए। लेकिन बच्चों को पढ़ाने के लिए अध्यापकों की व्यवस्था करनी चाहिए। लेकिन अवकाश तो स्वीकृत किया जा रहा है लेकिन रिक्त हुए पद पर अध्यापकों या फिर बच्चों को पढ़ाने वालों की व्यवस्था नहीं की जा रही है। जिससे इसमें विसंगतियां पैदा हो रही हैं।

संतान पालन अवकाश के यह हैं नियम
संतान पालन अवकाश के नियमों की मुताबिक महिला कर्मचारी के दो संतानों की उम्र १८ वर्ष से कम होनी चाहिए। इनके लिए अधिकतम ७३० दिन की कालावधि का अवकाश स्वीकृत किया जा सकेगा। दो संतान से ज्यादा जीवन संतान होने पर उक्त अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा। ९० दिवस पूर्व सक्षम अधिकारी के समझ निर्धारित प्रपत्र में आवेदन प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। एक कलैंडर र्वा में तीन बार से अधिक स्वीकृत नहीं किया जा सकेगा। पद रिक्त माना जाएगा। अध्यापन कार्य की प्राथमिकता तथा शाला की तात्कालिक आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए सक्षम अधिकारी उक्त रिक्त पद पर संबंधित संवर्ग के अन्य लोक सेवक की पदस्थाना अथा अतिथि शिक्षक की व्यवस्था कर सकेगा। विद्यालय में केवल महिला शिक्षिका कार्यरत होने पर याथा संभवन बारी - बारी से एक समय में अधिकतम ५० प्रतिशत महिला शिक्षक को ही संतान पालन अवकाश स्वीकृति किया जा सकेगा।

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नियमों के मुताबिक ही संतान पालन अवकाश दिया गया है। वहां पर्याप्त शिक्षक हैं। वैसे तो सभी जगह शिक्षकों की कमी है। अतिथि शिक्षकों से काम चलता है।
ओपी शर्मा, संकुल प्राचार्य बैढऩ