पत्रिका ने उठाया मुद्दा तो सक्रिय हुए जनप्रतिनिधि और अधिकारीभोपाल से लेकर सिंगरौली तक हुई बैठक और निरीक्षण, शुरू हुआ .....
सिंगरौली. राष्ट्रीय राजमार्ग-39 यानी सीधी-सिंगरौली हाईवे का निर्माण कार्य शनिवार को दोबारा शुरू कर दिया गया। ठेका कंपनी ने फिलहाल दो लोकेशन मोरवा व सजहर घाटी में कार्य शुरू किया है। कंपनी को इस महीने वह सभी कार्य पूरा करना है, जिससे जनवरी में प्रतिबंधित आवागमन बहाल हो सके।
हाईवे का कार्य पूरा करने के लिए कंपनी को न केवल आठ महीने का अतिरिक्त समय दिया गया है। बल्कि संसाधनों में बढ़ोतरी कर कार्य में तेजी लाने का भी निर्देश है। कलेक्टर ने एमपीआरडीसी के अधिकारियों से हर रोज निर्माण कार्य के प्रगति की रिपोर्ट देने को कहा है।
सितंबर के अंतिम सप्ताह से ठेका कंपनी ने मोरवा में निर्माण कार्य बजट खत्म होने का हवाला देकर बंद कर दिया। सजहर में केवल नाम मात्र की गतिविधि जारी रही। पत्रिका ने हाईवे की वर्तमान स्थिति को मुद्दा बनाते हुए अभियान चलाया। इसके बाद जनप्रतिनिधि व अधिकारी सक्रिय हुए।
पाठकों ने भी पत्रिका के अभियान से जुड़ते हुए सुझाव व टिप्पणी दिया। नतीजा निर्माण कार्य दोबारा शुरू हो गया है। प्रतिबंधित आवागमन को बहाल करने के लिए दिसंबर तक और निर्माण कार्य पूरा करने के लिए दिसंबर 2023 तक का वक्त दिया गया है।
अभी ये बड़े काम बाकी
- कर्थुआ, बरगवां बस्ती, गोंदवाली, गोरबी व सिंगरौली रेलवे स्टेशन में बायपास
- डगा, बरगवां व मोरवा में रेलवे ओवर ब्रिज और भूसा मोड़ में अंडर ब्रिज
- सीधी से लेकर सिंगरौली के बीच 4 पुल व 18 पुलिया का निर्माण कार्य
- 85 किलोमीटर तक फोर लेन सडक़ व डिवाइडर का निर्माण कार्य बाकी है
फ्लैश बैक
- वर्ष 2004 में हाइवे निर्माण को लेकर केंद्र सरकार ने बजट स्वीकृत किया
- हाइवे निर्माण की जिम्मेदारी गेमन इंफ्रॉस्ट्रक्चर प्रा. लि. को जिम्मेदारी दी गई
- पेटी कांट्रैक्टर टेक्नोटेक इंफ्राटेक प्रा. लि. को मिली निर्माण की जिम्मेदारी
- पेटी कांट्रैक्टर वर्ष 2013 में हाईवे के निर्माण को लेकर कार्य शुरू किया
- 500 करोड़ रुपए खर्च कर 2018 में गैमन इंडिया ने काम बंद कर दिया।
- वर्ष 2021 फरवरी में तिरुपति बिल्डकॉन प्रा. लिमिटेड को काम सौंपा गया।
- 08 अक्टूबर 2021 से हाईवे का इस कंपनी ने दोबारा शुरू किया कार्य।
फैक्ट फाइल -
331 करोड़ रुपए में तिरुपति बिल्डकॉन को जिम्मेदारी
2023 अप्रेल महीने में कार्य पूरा करने की थी डेडलाइन
2023 दिसंबर तक कंपनी को दी गई नई डेडलाइन
2018 में अधूरे में निर्माण कार्य छोडकऱ गई गैमन इंडिया
2021 में अक्टूबर महीने में दोबारा शुरू हुआ निर्माण कार्य
कुछ इस तरह चली गतिविधियां
- सीधी-सिंगरौली हाईवे का निर्माण कार्य दोबारा बंद हुए एक पखवाड़ा बीत गया। तय तिथि पर प्रतिबंधित आवागमन को बहाल होने की कोई संभावना न देख। पत्रिका ने मुद्दा उठाया। ‘सीधी-सिंगरौली हाईवे के अधूरे निर्माण के लिए कौन मांगेगा माफी’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की।
- 9 नवंबर को प्रकाशित खबर में हाईवे निर्माण की चर्चा से लेकर वर्तमान स्थिति और हो रही मुसीबत पर खबर प्रकाशित होने के बाद भी जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों की कोई खास सक्रियता देखने को नहीं मिली तो 12 नवंबर को पत्रिका ने हाईवे के मुद्दा को अभियान बना लिया। 13 नवंबर को ‘सीधी-सिंगरौली हाईवे: 10 वर्ष में 108 किमी सडक़ नहीं बनवा पाए जिम्मेदार’ शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई।
- 13 नवंबर को खबर प्रकाशित होने के बाद कलेक्टर अरूण कुमार परमार सबसे पहले सक्रिय हुए और उन्होंने एमपीआरडीसी के अधिकारियों के साथ हाईवे का निरीक्षण किया और निर्माण कार्य बंद होने के कारणों का समाधान कराते हुए जल्द कार्य शुरू कराने का निर्देश दिया। केवल दिखाने के लिए शुरू कार्य पर नाराजगी भी दिखाई।
- पत्रिका के अभियान को संज्ञान में लेते हुए सांसद रीती पाठक ने भोपाल में एमआरडीसी व सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रायल के अधिकारियों के साथ 14 नवंबर को भोपाल में बैठक बुलाई। ठेका कंपनी ने बजट नहीं होने का हवाला देते हुए 9 करोड़ की राशि जारी करने की मांग की। सांसद ने बजट जारी करने का निर्देश दिया।
- 15 नवंबर को पत्रिका ने सांसद रीती पाठक से सीधी बात की। सांसद ने बताया कि वह हाईवे का कार्य शुरू कराने के लिए सक्रिय हैं। भोपाल में संबंधित विभागों के साथ बैठक में निर्देश जारी किए गए हैं। जल्द ही कोई सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
- 17 नवंबर से जिले के खास से लेकर आम लोगों तक की पत्रिका को टिप्पणी मिलने लगी। हाईवे का हाल देखने के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को बुलाने की मांग उठी।
- 18 नवंबर को सांसद ने फिर जिला प्रशासन के साथ बैठक की और हाईवे का निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने का निर्देश दिया। एमपीआरडीसी के अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
- 19 नवंबर को जिले के खास और आम लोगों की ओर से पत्रिका को टिप्पणी मिली कि जनप्रतिनिधि केवल दिलासा दे रहे हैं। पत्रिका ने उनकी आवाज को मुद्दा में शामिल किया।
- 20 नवंबर को पाठकों की ओर से वर्तमान ठेका कंपनी से काम वापस लेने की मांग उठी। जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों तक पाठकों की बात पहुंचाई गई कि देरी ठीक नहीं समय रहते ठेका कंपनी को टर्मिनेट किया जाए।
- 21 नवंबर को भी पाठकों की ओर से हाईवे को लेकर टिप्पणी आने का सिलसिला जारी रहा। पाठक बोले राजनीति की भेंट चढ़ गया हाईवे।
- 23 नवंबर तक जनप्रतिनिधियों के प्रयास का कोई सकारात्मक परिणाम नहीं देखने को मिला तो पाठकों ने उदासीनता का आरोप लगाना शुरू कर दिया।
- 27 नवंबर को पत्रिका ने अभियान के जरिए बताया कि यही हाल रहा तो दिसंबर में भी हाईवे पर बहाल नहीं हो पाएगा आवागमन।
- 28 नवंबर को स्थानीय पाठकों ने बताया कि ठेका कंपनी के कई कर्मचारी वापस लौट गए अब केवल मशीन बची है।
- 29 नवंबर को सांसद व एमपीआरडीसी के अधिकारी ने पत्रिका को बताया कि ठेका कंपनी को 4 करोड़ रुपए जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही कार्य शुरू किया जाएगा। मांग 9 करोड़ रुपए की थी। कार्य प्रगति के अनुसार बाकी बजट जारी होगा।
- 30 नवंबर को सांसद व कलेक्टर एमपीआरडीसी के अधिकारियों के साथ हाईवे पर सजहर घाटी में पहुंचे। संविदाकार के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में मौके का भ्रमण कर सांसद व कलेक्टर ने जल्द कार्य शुरू कराने का निर्देश दिया।
- अगले दिन एक दिसंबर को ठेका कंपनी ने पूर्व की तरह तीन लोकेशन पर एक साथ काम करने का निर्णय लेते हुए व्यवस्था बनाना शुरू किया और 3 दिसंबर को कार्य शुरू कर दिया।
वर्जन -
निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। पूरी कोशिश है कि नए वर्ष में हाईवे पर आवागमन को बहाल कर दिया जाए। बाकी कार्य चलता रहेगा।
अरूण कुमार परमार, कलेक्टर सिंगरौली।