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इन्वेस्टर्स मीट में उद्यमियों से 261 करोड़ के पूंजी निवेश की मिली सहमति

उद्यमियों की रुचि पर बरगवां ही नहीं पडऱी में भी विकसित होगा औद्योगिक क्षेत्र ....

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Entrepreneur agreed to invest 261 crore in investors' meet Singrauli

Entrepreneur agreed to invest 261 crore in investors' meet Singrauli

सिंगरौली. ऊर्जाधानी के नाम से प्रसिद्ध सिंगरौली को औद्योगिक नगरी के रूप में विकसित करने संबंधित कार्ययोजना की शनिवार को आयोजित इन्वेस्टर्स मीट में आधारशिला रखी गई। सिंगरौली महोत्सव के तारतम्य में आयोजित उद्यमियों की इस बैठक में एक ओर जहां सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा ने
बतौर मुख्य अतिथि उद्योग स्थापित करने वालों को सहयोग का वादा किया।

वहीं बड़े उद्यमियों के प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित कंपनियों के अधिकारियों ने हर संभव सहयोग की बात की। जिला प्रशासन की ओर से एनटीपीसी विंध्याचल के वीवा क्लब में आयोजित बैठक में 300 से अधिक उद्यमी शामिल हुए। इनमें से एक तिहाई उद्यमियों ने मौके पर ही निवेश की बात की और प्रस्ताव प्रस्तुत किया। प्रस्तुत प्रस्तावों के मुताबिक सब कुछ ठीक रहा तो विभिन्न उद्यमों में इस वित्तीय वर्ष में 261 करोड़ का निवेश होगा। इसके अलावा अन्य 54 उद्यमियों ने भी जल्द प्रस्ताव देने की बात कही।

इससे पहले चुनाव आयोग की ओर से जारी अधिसूचना का हवाला देते हुए वीडियो कांफ्रेंसिंग से जुड़े उद्यम मंत्री ओमप्रकाश ने कहा कि वह बहुत कुछ बोलने की स्थिति में नहीं है, लेकिन इतना जरूरत कहेंगे कि उद्यमियों ने रुचि दिखाई बरगवां के डगा, गड़ेरिया, फुलवारी, बागाडीह व पिडऱताली में ही नहीं सिंगरौली तहसील के पडऱी गांव में भी औद्योगिक क्षेत्र का विकास किया जाएगा। इसके अलावा उनकी ओर से सरकार की उन योजनाओं का जिक्र किया, जो युवा उद्यमियों की आर्थिक समस्या का समाधान करने के लिए शुरू की गई हैं।

जिले के प्रभारी मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह ने उद्योग स्थापना के लिए उद्यमियों का आह्वान किया तो कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने उद्योगों के सफल संचालन के लिए यहां के मजबूत परिवेश व स्थितियों पर प्रकाश डाला। उद्यमियों ने समस्या और समाधान की बात की। इस मौके पर करीब दर्जन भर युवा उद्यमियों ने उद्योग संचालन के लिए हामी भी भरी। इस मौके पर सांसद रीति पाठक, सिंगरौली विधायक रामलल्लू वैश्य व देवसर विधायक सुभाष रामचरित वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी व उद्यमी और उनके प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

आखिर क्यों है उद्योगों के सफल संचालन की संभावना, हुई चर्चा
- शहरों से कनेक्टिविटी जल्द होगी बेहतर। 225 किलोमीटर दूर वाराणसी में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। हाईवे और रेलवे लिंक भी जल्द बेहतर होगा।
- विद्युत व कोयला उत्पादन की बड़ी कंपनियों के साथ एल्युमिनियम उत्पादन कंपनियां जिले में संचालित हैं। साथ पर्याप्त खनिज संपदा है।
- रिहंद डैम व अन्य नदियों के अलावा दो बड़ी सिंचाई परियोजनाओं के चलते पानी की पर्याप्त उपलब्धता।
- देश के मध्य में स्थित जिले में खनिज व वन संपदा के चलते कच्चा माल व श्रम की पर्याप्त उपलब्धता।

निवेश की इन क्षेत्रों में बताई गई संभावना

प्राथमिक क्षेत्र
- कृषि प्रक्षेत्र, उपकरण, खाद्य प्रसंस्करण व पैकिंग, उद्यानिकी व कृषि वन उपज पर आधारित उद्योगों को सफलता मिलेगी।
- कोयला खनन व विद्युत उत्पादक कंपनियों के चलते कोल वाशरी, वाहन रिपेयरिंग और टूल्स के उद्योगों का सफल संचालन संभव है।
- एल्युमिनियम की पर्याप्त उपलब्धता के चलते इस पर आधारित उद्योगों का संचालन सफलतापूर्वक संभव है।

द्वितीयक क्षेत्र
- कोल परिवहन में 10 हजार से अधिक वाहन लगे हैं। ऐसे में ऑटोमोबाइल सेक्टर में सफलता की संभावना है।
- विद्युत उत्पादन कंपनियों के पास पर्याप्त फ्लाईऐश व जिप्सम है। इससे ईंट व टाइल्स जैसे अन्य उत्पाद बनाने का उद्यम सफल होगा।
- कोयला खदानों के क्षेत्र में निजी निवेश बढ़ रहे हैं। ऐसे में एक्सप्लोसिव व केमिकल फैक्ट्रियों को सफलता मिलेगी।
- इसके अलावा स्टील व लकड़ी फर्नीचर जैसे उद्योगों का सफलतापूर्वक आसान तरीके संचालन संभव है।

अन्य क्षेत्र
- संजय टइगर रिजर्व व सोन घडिय़ाल सहित अन्य प्राकृतिक सौंदर्यता के चलते पर्यटन की भरपूर संभावना।
- उच्च शिक्षा व स्किल डेवलपमेंट से संबंधित संस्थान नहीं होने से सफलता की संभावना अधिक है।
- स्वास्थ्य के क्षेत्र में निजी संस्थान कम हैं। ऐसे में निवेश कर तेजी के साथ सफलता पाई जा सकती है।
- जिले में खाली स्थानों की पर्याप्त उपलब्धता के चलते सोलर प्लांट लगाने और इससे उपकरण की जरूरत।
- शॉपिंग मॉल, एसी सर्विस, कंप्यूटर रिपेयरिंग, फायर सेफ्टी, ई-कॉमर्स, होटल-रेस्टोरेंट में भी भरपूर संभावना।

बदलती तकनीकी को भी किया प्रस्तुत
इन्वेस्टर्स मीट में नालेज पार्टनर के रूप में शामिल आइआइटी बीएचयू के अलावा कई अन्य कंपनियों की ओर से स्टॉल लगाए गए। स्टॉल पर आधुनिक तकनीकी पर आधारित विभिन्न क्षेत्रों के उपयोगी उपकरणों को प्रस्तुत कर स्थानीय उद्यमियों में बदलने तकनीकी से जुड़ा संदेश देने की कोशिश की गई। इसके अलावा मनु श्रीवास्तव सचिव नवीन एवं नवकरणीय उर्जा द्वारा उर्जा के क्षेत्र में उद्योगों की स्थापना के संबंध में जानकारी प्रदान की गयी। इस दौरान उद्योगों की संभावनाओं पर आधारित ईबुक का विमोचन किया गया।

बोले, विशेषज्ञ

एनसीएल सैकड़ों बाहरी वेंडर्स का लेती है सहयोग
एनसीएल के निदेशक तकनीकी डॉ. अनिंद्य सिन्हा ने कहा कि कंपनी सैकड़ों की संख्या में बाहरी वेंडर का सहयोग लेते ही। ढेरों जरूरत बाहर से पूरी होती हैं। जरूरतों से संबंधित उद्यम यहां संचालित हो तो उद्यमियों के साथ एनसीएल को भी बड़ी राहत मिलेगी। समय के साथ आर्थिक बचत भी होगी। उन्होंने उद्यमियों को पूरा सहयोग का आश्वासन दिया।

जिप्सम व फ्लाईऐश में पर्याप्त संभावना
एनटीपीसी विंध्याचल के कार्यकारी निदेशक ने कहा कि उनकी परियोजना की भी कई जरूरतों से संबंधित उद्यम स्थापित किए जा सकते हैं। जिप्सम व फ्लाईऐश से उद्यम का विस्तार किया जा सकता है। इससे स्थानीय लोगों को प्रदूषण से मुक्ति, रोजगार व उद्यम के सफल संचालन का मौका मिलेगा। उन्होंने विद्युत उत्पादक कंपनी से जुड़े उद्यमों पर प्रकाश डाला।

चंद्रयान तक पहुंचा एल्युमिनियम, यहां भी हो प्रयोग
इन्वेस्टर्स मीट में शामिल होने पहुंचे हिंडालको के क्लस्टर हेड एन नागेश ने कहा कि उनकी कंपनी का एल्युमिनियम चंद्रयान बनाने में प्रयोग किया गया। यहां भी प्रयोग हो सकता है। उत्पादन जिले में ही हो रहा है। ऐसे में कई तरह के खर्च बचेंगे। सिंगरौली प्लांट के हेड सेंथिल नाथ ने कहा कि उनकी ओर से नए उद्यमियों को पूरी मदद की जाएगी।

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