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मोरवा से घोरावल तक बन जाए फोरलेन तो कम हो जाएगी वाराणसी व प्रयागराज की दूरी

संसद में उठी मांग, सीधी-सिंगरौली हाइवे को 6 लेन किए जाने की बताई गई जरूरत .....

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land acquisition

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सिंगरौली. वाराणसी पहुंचने में 6 घंटे का सफर तय करना पड़ता है। जिले के मोरवा क्षेत्र से घोरावल तक वाया चितरंगी राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित कर निर्माण कराया जाए तो सिंगरौली से वाराणसी के साथ प्रयागराज की दूरी भी कम हो जाएगी। संसद में इस तक के साथ वाराणसी तक पहुंचने के लिए सडक़ों को राष्ट्रीय मार्ग घोषित करने की मांग की गई। साथ ही सीधी-सिंगरौली हाइवे को फोरलेन से अपग्रेड कर 6 लेन की बनाए जाने की मांग की गई है।

संसद में मांगों को जल्द पूरी किए जाने के पीछे तर्क दिया गया है कि सिंगरौली औद्योगिक क्षेत्र है और इस उद्देश्य से वहां हाइवे पर वाहनों का आवागमन अधिक है। इसके अलावा क्षेत्र में आवागमन की सुविधा को बेहतर करने के लिए कई और मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित कर अपग्रेड किए जाने की मांग की गई है। तर्क है कि केंद्र सरकार की ओर से बजट में इस बार सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के लिए 118230 करोड़ रुपए का परिव्यय निर्धारित किया गया है। ऐसे में ऊर्जाधानी की सडक़ों को अपग्रेड किए जाने को प्राथमिकता दिया जाना चाहिए।

मांगों में यह भी शामिल
- रीवा-रांची वाया सीधी-सिंगरौली को 6 लेन सडक़ में अपग्रेड किया जाए।
- कटनी से बरगवां तक नए राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा देकर निर्माण कराया जाए।
- रीवा-शहडोल मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग की स्वीकृति प्रदान कर निर्माण कराया जाए।
- बहरी से हनुमना तक वाया अमिलिया को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किया जाए।
- राष्ट्रीय राजमार्ग 39 पर बरगवां रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनाया जाए।
- सिंगरौली के ग्राम बिछी से सोन नदी पर स्वीकृत पुल का निर्माण कराया जाए।
- मायापुर से चितरंगी होते हुए लौआर और घोरावल तक दो लेन सडक़ बनाई जाए।
- सीधी में चुरहट से वाया अमिलिया सिंहावल बिछी तक दो लेन की सडक़ बने।