धान के अलावा ज्वार व बाजरा की भी बिक्री करने दिखाई रुचि ....
सिंगरौली. खरीफ की फसल के उपार्जन के लिए अब की बार 23 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है। सभी तहसीलों के 37 हजार हेक्टेयर से अधिक रकबा में की गई बोवनी की फसल का उपार्जन किए जाने की तैयारी है। किसान धान के साथ ज्वार व बाजरा का भी उपार्जन करेंगे।
खाद्य आपूर्ति अधिकारी के मुताबिक इस बार 26 हजार से अधिक किसानों द्वारा पंजीयन कराए जाने का अनुमान था, लेकिन पंजीयन का आंकड़ा 23149 किसानों पर आकर अटक गया। इन किसानों ने 37431 हेक्टेयर के लिए पंजीयन कराया है। इसमें धान का रकबा 22957 हेक्टेयर, बाजरा का 426 हेक्टेयर और ज्वार का रकबा 1454 हेक्टेयर है।
ज्वार व बाजारा के पंजीयन में चितरंगी आगे
जिले के अन्य तहसीलों की अपेक्षा चितरंगी तहसील क्षेत्र में ज्वार व बाजरा का पंजीयन सबसे अधिक किसानों ने कराया है। बाजारा के लिए जहां 419 किसानों ने पंजीयन कराया है। इसके अलावा सरई में ज्वार के लिए दो किसानों ने पंजीयन कराया है। बताया गया है कि चितरंगी तहसील में ज्वार व बाजारा की सबसे अधिक खेती किसान करते हैं। उपज भी बेहतर होना बताया गया है। इसलिए यहां के ज्यादातर किसान खरीदी केंद्रों पर बिक्री करने के लिए पंजीयन करा चुके हैं।
तहसीलवार पंजीयन
- माड़ा में 6085 किसान
- सिंगरौली में 4949 किसान
- चितरंगी में 4940 किसान
- सरई में 3752 किसान
- देवसर में 2682 किसान
- सिंगरौली शहर में 741 किसन
फैक्ट फाइल:
- किसानों का पंजीयन 23149
- कुल रकबा 37431 हेक्टेयर
- धान का रकबा 22957 हेक्टेयर
- बाजरा का रकबा 426 हेक्टेयर
- ज्वार का रकबा 1454 हेक्टेयर
पिछले बार का लक्ष्य
- 14 लाख क्विंटल पिछले बार की खरीदी
- 12 लाख क्विलंट इस बार खरीदी का लक्ष्य