शुक्र अस्त रहने की वजह से 21 नवंबर से शुरू होगा शादी-विवाह का मुहूर्त ....
सिंगरौली. बाजार में खरीदारों की रौनक अभी बनी रहेगी। दीपावली के बाद परिवा के चलते बाजार में भले ही सन्नाटा की स्थिति है, लेकिन बुधवार से बाजारों की रौनक फिर लौट आएगी। इसके बाद भाईदूज और छठपर्व की खरीदारी शुरू हो जाएगी। करीब एक सप्ताह के अंतराल के बाद शुभ कार्यों का दौर शुरू हो जाएगा। फिर शादी-विवाह का सीजन। इस तरह से बाजार में ग्राहकों की खरीदारी नए वर्ष तक जारी रहेगी।
ज्योतिषविद् डॉ. एनपी मिश्रा के मुताबिक वर्तमान में भगवान विष्णु योगनिद्रा में हैं। इसलिए शुभ कार्य बंद हैं। कार्तिक मास की देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा का त्याग करते हैं। देवउठनी एकादशी यानी देवप्रबोधिनी एकादशी को भगवान की योगनिद्रा समाप्त होते ही शुभ कार्य शुरू हो जाएंगे। हालांकि शुक्र अस्त होने के चलते शादी-विवाह की शुरुआत 21 नवंबर से होगी।
नवंबर और दिसंबर में इस बार विवाह के कई शुभ मुहूर्त बनेंगे। गौरतलब है कि इस बार देवउठनी एकादशी 4 नवंबर दिन शुक्रवार को है। इस दिन से भगवान विष्णु कार्यभार संभालते हैं। अगले दिन यानी 5 नवंबर को तुलसी विवाह किया जाएगा। यह बात और है कि शादी-विवाह का सीजन 21 नवंबर से शुरू होगा। इसके बाद अगले वर्ष मार्च महीने का शुभ मुहूर्त जारी रहेगा और शहनाई बजेगी।
देवउठनी एकादशी पर शुक्र रहेंगे अस्त
देवउठनी एकादशी 4 नवंबर को भगवान विष्णु का शयनकाल भले ही खत्म हो जाएगा, लेकिन शादी-विवाह की शुरुआत नहीं हो सकेगी। क्योंकि इस बार देवउठनी एकादशी पर शुक्र अस्त रहेंगे। शादी-विवाह की शुरुआत शुक्र उदय होने पर ही होती है। शुक्र ग्रह 2 अक्टूबर को अस्त हो चुके हैं और 20 नवंबर तक अस्त रहेंगे। इस वजह से विवाह जैसे शुभ कार्यों की शुरुआत शुक्र उदय के साथ 21 नवंबर से होगी ।
शादी विवाह के शुभ मुहूर्त
- वर्ष 2022 में 21, 24, 25 व 27 नवंबर को
- वर्ष 2022 में 02, 07, 08 व 09 दिसंबर को
- वर्ष 2023 में 15, 18, 25, 26, 27, 30 व 31 जनवरी को
- वर्ष 2023 में 06, 07, 09, 10, 12, 13, 14, 22, 23 व 28 फरवरी को
- वर्ष 2023 में 06, 09, 11 व 13 मार्च को शादियां होंगी।