आंगनबाड़ी केन्द्रों पर ताले, पोषाहार के लाले, लॉक डाउन में सूखा राशन उपलब्ध करवाने की योजना कागजों में

- बढ़ सकता है कुपोषण का ग्राफ

By: Bharat kumar prajapat

Published: 29 May 2020, 08:41 AM IST

रेवदर. बच्चों को स्वस्थ और खुशहाल बचपन देना सरकार की प्राथमिकताओं में है। इसके बावजूद लॉक डाउन के पिछले दो माह से आंगनबाड़ी केन्द्र बंद होने के कारण लाभांवित पूरक पोषाहार से वंचित हैं। इससे स्पष्ट है कि कुपोषण से जंग सिर्फ कागजों में और जुबानी चल रही है। आंगनबाड़ी केन्द्रों पर ताले लगे हैं और उपखण्ड क्षेत्र में नौनिहाल पूरक पोषाहार के लिए तरस रहे हैं। महामारी के दौर में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने से बच्चों में कोरोना से संक्रमित होने का खतरा भी ज्यादा रहता है। ऐसे में क्षेत्र में कुपोषित बच्चों का ग्राफ बढऩे की आशंका सता रही है।
जानकारी के अनुसार आंगनबाड़ी से जुड़े परिवारों की आर्थिक स्थिति चौपट हो गई है। वहीं, प्रशासन की ओर से पोषाहार वितरण में देरी कोढ़ में खाज का काम कर रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग उप निदेशक ने एक अप्रेल को लॉक डाउन के चलते लाभांवितों को पूरक पोषाहार वितरण के निर्देश दिए थे मगर ये कागजों तक ही सिमट कर रह गए। रेवदर ब्लॉक में 170 आंगनबाड़ी केन्द्र हंै जिसमें 16 8 संचालित हैं। इनमें 6 वर्ष तक के बच्चे 9737, 3 से 6 वर्ष तक के बालक 178 2 व बालिकाएं 178 2 हैं। अधिक कम वजन वाले पांच वर्ष तक के बच्चे 6 3 हंै। करीब 6 5 दिन से लॉक के चलते इन लाभांवितों को पूरक पोषाहार का इंतजार करना पड़ रहा है।

फैक्ट फाइल

- रेवदर ब्लॉक में 170 आंगनबाड़ी केन्द्र, इसमें से 168 संचालित
-6 वर्ष तक के 9737 बच्चे
-5 वर्ष तक के अधिक कम वजन वाले व अतिकुपोषित 6 3 बच्चे


ऐसे देना था पोषाहार

महिला व बाल विकास विभाग उप निदेशक ने लॉक डाउन के तहत एहतियात के तौर पर आंगनबाड़ी केन्द्र बंद होने के कारण लाभांवितों को पूरक पोषाहार वितरण घर-घर जारी रखने के निर्देश दिए थे। गर्भवती व धात्री महिलाओं को 3 किलो गेहंू, दलिया, एक किलो चना, मूंग व मोठ, 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों को 2 किलो गेहूं व एक किलो चना, मूंग,मोठ, 6 माह से 6 वर्ष के कम वजन वाले बच्चों को 3 किलो गेहूं, 2 किलो चना, मूंग व मोठ घर-घर जाकर वितरण करने के निर्देश दिए थे।

एक्सपर्ट व्यू...

कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए रोग प्रतिरोग क्षमता बेहतर होना आवश्यक है। कुपोषित बच्चों को पूरी मात्रा में पोषाहार नहीं मिलने से खतरा बढ़ सकता है।
डॉ. तेजाराम, शिशु रोग विशेषज्ञ, रेवदर

क्या कहते हंै जिम्मेदार...

लॉक डाउन में जिले भर में आंगनबाड़ी केंद्र सरकार के आदेशानुसार बंद करवाए गए हैं। राज्य सरकार के आदेशानुसार शीघ्र गर्भवती महिला एवं किशोरी बालिकाओं को तीन किलो गेहूं, दलिया व अन्य सामग्री घर-घर जाकर वितरित कर दी जाएगी।
-कमला परमार, उप निदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग

Bharat kumar prajapat Reporting
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