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डेढ़ वर्ष बाद भी कार्यवाहक ईओ के भरोसे काम, चंद दिन दे पाते हैं सेवाएं

आबूरोड नगरपालिका

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 आबूरोड के नगरपालिका में खाली पड़ी ईओ की कुर्सी।

आबूरोड के नगरपालिका में खाली पड़ी ईओ की कुर्सी।

आबूरोड. नगरपालिका में गत डेढ़ वर्ष से कामकाज कार्यवाहक अधिशासी अधिकारी के भरोसे चल रहा है। डेढ़ वर्ष पूर्व स्वायत्त शासन विभाग की ओर से ईओ प्रवीणकुमार शर्मा के स्थानांतरण के बाद नगर परिषद एईएन महेंद्रसिंह चौधरी को स्थाई नियुक्ति तक अतिरिक्त कार्यभार सौंपा था। डेढ़ वर्ष बीतने के बावजूद अब तक कोई स्थाई ईओ नहीं लगाया गया है। ऐसे में कार्यवाहक ईओ आबूरोड नगर पालिका में शनिवार-रविवार की छुट्टी को छोड़ दें तो सप्ताह के दो या तीन दिन सेवाएं दे पाते हैं। आधा समय तो अधिकारी का सिरोही नगर परिषद व आबूरोड नगरपालिका के बीच की दूरी तय करने में ही चला जाता है।
कमोबेश जिस दिन अधिकारी कार्यालय में नहीं होते, कर्मचारी भी कामकाज पर ध्यान नहीं देते। नतीजतन कामकाज में होने वाली अनावश्यक देरी के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में लोगों को छोटे-मोटे कामकाज के लिए भी कार्यालय के चक्कर लगाने को विवश होना पड़ता है, इसके बावजूद विभाग की ओर से अब तक कोई स्थाई नियुक्ति नहीं की गई है।

नहीं मिलता सही जवाब
कार्यालय में आमजन की परेशानी सुनने वाला कोई नहीं है। शहरवासियों के किसी भी कार्य के लिए सम्बंधित शाखा में जाने पर कर्मचारियों द्वारा या तो 'ईओ साहबÓ के आने पर या दो दिन बाद आने का टका सा जवाब दे दिया जाता है। लोगों ने बताया कि कार्यालय में छोटे-मोटे कामकाज के लिए बेवजह चक्कर काटने पड़ जाते हैं, इसके बावजूद संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है। कई बार तो सम्बंधित शाखा के प्रभारी अवकाश पर होने पर चार्ज किसी अन्य कर्मचारी को नहीं देने से कामकाज लम्बित रहता है।

पत्रावलियों के निस्तारण में देरी
नगरपालिका क्षेत्र में निर्माण स्वीकृति, मानचित्र समेत लम्बित पत्रवालियों के निस्तारण की प्रक्रिया भी कछुआ चाल है। स्थाई ईओ नहीं होने पर सत्यापन सम्बंधित कामकाज में देरी होना लाजिमी है। वहीं कामकाज की मॉनिटरिंग पर ध्यान नहीं देने से कार्य में देरी होती है। व्यक्ति के वार्ड पार्षद से काम के लिए कहने पर ईओ के आने पर होने की बात कह दी जाती है। यहां दिलचस्प बात यह भी है कि लम्बे समय से अतिरिक्त प्रभार होने के बावजूद नगरपालिका के बाहर ईओ के सप्ताह में किस दिन आबूरोड नगरपालिका में उपस्थित रहते हैं, इस बात की जानकारी नहीं रहती। ऐसे में कार्मिकों से पूछने पर भी कोई जवाब नहीं मिलता है।

500 फाइलें लम्बित ...
&स्वायत्त शासन विभाग को स्थाई ईओ नियुक्त करने के लिए कई बार अवगत करवाया लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं की गई। वर्तमान ईओ के पास सिरोही नगर परिषद एईएन का कार्यभार भी है। आमजन के काम तो हो नहीं रहे हैं, धनाढ्य लोगों के काम शीघ्र निपटाए जा रहे हैं। नगपालिका में पांच सौ से ज्यादा नामांतरण की फाइलें लम्बित हैं। पूछने पर कहा जाता है कि कमेटी की बैठक में फाइलों का निस्तारण किया जाएगा। कमेटी की बैठक कब होगी, कोई जवाब नहीं है।
- नरगिस कायमखानी, नेता प्रतिपक्ष, आबूरोड नगरपालिका
&आज तो मैं आबूरोड ही हूं। कुछ काम से फील्ड में आया था। फाइलों के पेंडेंसी ज्यादा नहीं है। नामांतरण की दस पंद्रह फाइलें आने पर बैठक में निस्तारण कर दिया जाता है। एक बैठक सोमवार को रखी गई है।
- महेंद्रसिंह चौधरी, कार्यवाहक ईओ, नगरपालिका आबूरोड
&नगरपालिका में स्थाई ईओ नहीं होने से कामकाज में देरी होती है। कार्यवाहक ईओ सप्ताह में दो-तीन दिन ही कार्य करते हैं। ऐसे में आमजन को कार्यालय के चक्कर काटने को विवश होना पड़ता है।
- गणेश आचार्य, उपाध्यक्ष, नगरपालिका आबूरोड