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हाल-ए-शिक्षा: जिले में कमजोर हुई बुनियादी शिक्षा

निगरानी रखनेे वाले पिछड़

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निगरानी रखनेे वाले पिछड़

पांचवीं बार्ड में जिला 33 वें नम्बर पर ...
सिरोही. प्राथमिक स्तर की कक्षाओं के विद्यार्थियों के शैक्षिक स्तर को बढ़ाने की लाख कवायद करने और प्रशासन स्तर पर अभियान चलाने के बावजूद पांचवीं बोर्ड की रैंकिंग में सिरोही जिला पिछड़ गया है। राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (एसआईईआरटी) उदयपुर की ओर से जारी पांचवीं बोर्ड की रैंकिंग में सिरोही जिला सबसे नीचे रहा है जबकि श्रीगंगानगर टॉप पर है। यहां तक कि प्रदेश की मॉनिटरिंग करने वाला बीकानेर जिला भी 20वें नंबर पर रहा है।
जिले की रैंकिंग ने प्रारंभिक शिक्षा विभाग और सर्व शिक्षा अभियान की ओर से संचालित योजना तथा गतिविधियों के क्रियान्वयन की भी कलई खोलकर रख दी है। हर माह की शैक्षिक रंैकिंग में पिछड़ रहे जिले के प्राथमिक शिक्षा अधिकगतम स्तर में भी निचले स्तर पर आने से साफ हो गया है कि शिक्षकों के समय समय पर प्रशिक्षण सहित अध्ययन-अध्यापन की दृष्टि से पूरे प्रयास नहीं हो रहे हैं।
निगरानी रखनेे वाले पिछड़े
प्रदेश में सभी जिलों की शिक्षा क्षेत्र की देखरेख करने वाला बीकानेर जिला खुद पिछड़ गया। 49, 56 8 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, इसमें मात्र 24,6 49 को ही ए प्लस व ए ग्रेड मिला है। शेष बच्चों को बी, सी व डी ग्रेड मिला है। श्रीगंगानगर, झालावाड़ एवं दौसा क्रमश: पहले, दूसरे तथा तीसरे स्थान पर रहे। जबकी पडौसी जिला पाली २१ तथा जालोर २४वें पायदान पर रहा।
अलख नहीं जगा पाए- प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों को न्यूनतम अधिगम स्तर तक पहुंचाने के लिए जिला
प्रशासन की ओर से अलख अभियान की शुरुआत की गई थी लेकिन इस परिणाम ने हकीकत दर्शा दी है।


जिलावार स्थिति