
BLOOD DONATION CAMP: राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के स्थापना दिवस पर रक्तदान शिविर अयोजित
माउंट आबू ञ्च पत्रिका. अग्रवाल समाज अध्यक्ष गोविन्द प्रसाद अग्रवाल ने कहा कि रक्त के रिश्तों को धर्म, जात-पात में नहीं बांटा जा सकता। रक्तदान कर दूसरों के जीवन की रक्षा करना सबसे बड़ा मानव धर्म है। रक्तदाताओं ने रक्तदान कर अपनी मानवीय संवेदनाओं से साबित कर दिया कि रक्त का कोई मजहब नहीं होता। यह बात उन्होंने गुरुवार को राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में ग्लोबल अस्पताल में आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में कही। ग्लोबल अस्पताल निदेशक डॉ. प्रताप मिढ्ढा ने कहा कि रक्तदान करने में कोई संकोच नहीं करना चाहिए। रक्तदान करने के बाद फिर तेजी से रक्त बनना आरंभ हो जाता है। रक्तदान करने से किसी तरह की कोई कमजोरी नहीं आती। राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना प्रदेश सचिव महेन्द्रसिंह परमार ने कहा कि रक्तदान करना आपस में प्रेम व सेवा भाव सिखाता है। स्वैच्छिक रूप से रक्तदान करना अमूल्य दान है। राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना जिलाध्यक्ष सुजानसिंह ने कहा कि रक्तदान करने से न केवल सामाजिक रिश्तों को मजबूती मिलती है बल्कि समय पर सहयोग देने की सकारात्मक भावनाओं का भी उद्गम होता है।
राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना जिला महामंत्री अजीतसिंह निम्बोरा ने कहा कि रक्तदाताओं ने शिविर में रक्तदान कर जाति व धर्म की दीवारों को दरकिनार करते खून के रिश्तों को सुदृढ़ बनाने की मिसाल कायम की है। ओरिया सरपंच शारदादेवी ने कहा कि रक्तदान करने से सामाजिक रिश्तों की दूरियां समाप्त होती हैं। दूसरों की जान बचाने में रक्तदान का अहम योगदान रहता है।
त्रिपाठी ने 62वीं बार किया रक्तदान
शिविर में दीपक त्रिपाठी ने बताया कि उन्होंने 1994 में बांगड़ कॉलेज पाली में तत्कालीन विधायक ज्ञानचंद पारख की प्रेरणा से हिन्दू सेवा समिति के तत्वावधान में पहली बार रक्तदान किया था। तब से अब तक रक्तदान करने का सिलसिला जारी रखते हुए गुरुवार को 62वीं बार रक्तदान किया।
शिविर में समाजसेवी बाबूसिंह परमार, पालिका पूर्व अध्यक्ष सुरेश थिंगर, उपसरपंच तरुण परमार, समाजसेवी मोहम्मद साबिर कुरैशी, पार्षद मांगीलाल काबरा, नारायणसिंह भाटी, मंगलसिंह, प्रेमाराम आलिका, भास्कर अग्रवाल ने भी विचार व्यक्त किए। शिविर में प्रवीणसिंह परमार, अशोकसिंह, दीपक त्रिपाठी, वीरू सिंह, प्रमोद व्यास, देवीसिंह परमार, भीम सिंह पराडिय़ा, नरपतदान चारण, भंवरसिंह मेड़तिया, सलिल कालमा, अजीतसिंह, भारतसिंह राठौड़ आदि ने व्यवस्थाएं सम्भालते हुए सेवाएं दी। बीके अर्चना बहन, ब्लड बैंक प्रभारी धर्मेन्द्र सिंह, ऋषि मेहता की टीम के नेतृत्व में धार्मिक, सामाजिक, व्यावसायिक, राजनीतिक संगठनों के युवाओं, महिलाओं, पुरुषों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। जिसके तहत 251 लोगों ने रक्तदान किया। रक्तदाताओं को स्मृति-चिह्न व प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
Published on:
04 Mar 2022 05:05 pm

बड़ी खबरें
View Allसिरोही
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
