
जिलेभर के सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले विद्यार्थियों के लिए नए शिक्षा सत्र खुशखबरी लेकर आएगा। नए शिक्षा सत्र में एससी, एसटी, ओबीसी एवं एसबीसी के विद्यार्थियों को जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए किसी सरकारी ऑफिसों के चक्कर नहीं लगाने पडेंग़े। राज्य सरकार ने एक आदेश जारी कर स्कूल स्तर पर ही जाति प्रमाण-पत्र जारी करने का निर्णय लिया गया है, ताकि आरक्षण के प्रावधानों के तहत विद्यार्थियों को हर सुविधाओं का लाभ मिल सके। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अशोक जैन निर्देश जारी कर बताया कि अब जाति प्रमाण पत्र बनवाने की जिम्मेदारी संबंधित संस्था प्रधान की होगी।
वर्तमान व्यवस्था में जाति प्रमाण पत्र एसडीएम के डिजिटल साइन से जारी किए जा रहे है। एससी, एसटी, ओबीसी व एसबीसी के आवेदकों को स्वयं के स्तर पर ई-मित्र पर जाकर ऑनलाइन आवेदन पत्र भरकर सक्षम अधिकारियों को प्रेषित किए जा रहे है। जिससे विद्यार्थियों को परेशानी होती थी। विद्यार्थियों की परेशानी को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया गया है। जाति प्रमाण-पत्र बनवाने की यह कार्रवाई सितंबर-अक्टूबर से शुरू की जाएगी।
यह रहेगी प्रक्रिया
जिलेभर की स्कूलों के समस्त संस्था प्रधान स्कूल में अध्ययनरत विद्यार्थियों से वर्ष में एक बार जाति प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए आवेदन पत्र भरवाए जाएंगे। आवेदन पत्र भरते समय संस्था प्रधान का दायित्व होगा की आवेदन पत्र की सभी प्रविष्टियां सही-सही भरे, ताकि विद्यार्थियों को मिलने वाला जाति प्रमाण-पत्र सही मिल सके। संस्था प्रधान ई-मित्र व सीएससी के माध्यम से सक्षम अधिकारी को भिजवाएंगे। इसके बाद संस्था प्रधान की जिम्मेदारी होगी की प्रमाण-पत्र विद्यार्थियों को उपलब्ध करवाएंगे।
इन्होंने बताया...
जिलेभर की स्कूलों में पढऩे वाले विद्यार्थियों के लिए सरकार का यह अच्छा निर्णय है। सितंबर- अक्टूबर से जाति प्रमाण-पत्र स्कूल में ही बनेंगे। संस्था-प्रधान की जिम्मेदारी होगी की छात्रों से फॉर्म भरवाकर संस्था प्रधान ही छात्रों को प्रमाण-पत्र देंगे।
राजेन्द्र सिंह राजपुरोहित, सहायक निदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, सिरोही
Published on:
11 Mar 2017 09:27 am
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