खबर का असर : बाल संरक्षण आयोग ने लिया प्रसंज्ञान, सात दिन में मांगी तथ्यात्मक रिपोर्ट

रेवदर. राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने संबंधित विभाग को आंगनबाड़ी बंद होने से पूरक पोषाहार वितरण मामले में तुरन्त प्रभाव से कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए।

By: Bharat kumar prajapat

Updated: 29 May 2020, 08:11 PM IST

रेवदर. राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने संबंधित विभाग को आंगनबाड़ी बंद होने से पूरक पोषाहार वितरण मामले में तुरन्त प्रभाव से कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए। राजस्थान पत्रिका के शुक्रवार के अंक में आंगनबाड़ी केन्द्रों पर ताले, पोषाहार के लाले शीर्षक से समाचार प्रकाशित होने पर आयोग ने प्रसंज्ञान लिया है।
आयोग अध्यक्ष ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से कोविड महामारी के कारण लॉक डाउन के चलते आगनबाड़ी केन्द्रों को बन्द कर पूरक पोषाहार वितरण घर-घर जारी रखने के दिशा-निर्देश प्रदान किए गए थे। बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं को पूरक पोषाहार की व्यवस्था करवाने के लिए समेकित बाल विकास सेवाएं जयपुर के निदेशक को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्र बंद होने से बच्चों में कुपोषण व कोरोना संक्रमण बढऩे का खतरा है। उन्होंने प्रकरण में नियमानुसार जांच करने के निर्देश दिए। साथ ही, सात दिन में तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है।

पूरक पोषाहार का वितरण
कस्बे स्थित आगनबाड़ी-ई केंद्र पर शुक्रवार को गर्भवती, धात्री महिलाओं व बच्चों को पूरक पोषाहार में दाल व गेहूं वितरित किया गया। इस मौके पर वार्ड पंच हर्षन पूरी, गोदाराम चौधरी, सन्तोष देवी आदि उपस्थित थे।

Bharat kumar prajapat Reporting
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