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शिक्षा विभाग: गार्गी व मीना मंच देंगे स्कूल की बालिकाओं को सम्बल, 452 स्कूलों में मीना मंच व 228 में बनेगा गार्गी मंच

गठन की कवायद: 30 तक कार्यालय को भेजनी होगी सूचना452 स्कूलों में मीना मंच व 228 में बनेगा गार्गी मंच

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भरत कुमार प्रजापत
सिरोही.जिले के राजकीय विद्यालयों में बालिकाओं में आत्मविश्वास भरने, सर्वांगीण विकास, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, कार्यक्रमों में सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग ने नवाचार किया है। इसके तहत मीना और गार्गी मंचों का गठन किया जाएगा। सत्र 2019-20 में 452 स्कूलों में मीना मंच व 228 स्कूलों में गार्गी मंच बनाए जाएंगे। मंच संचालन स्कूल की जिम्मेदारी महिला शिक्षिका को दी जाएगी जो सुगमकर्ता कहलाएगी। दोनों मंच का गठन 25 जुलाई तक करना है। गठन के बाद विद्यालयवार संख्यात्मक सूचना सुगमकर्ता के विवरण सहित जिला कार्यालय को 30 जुलाई तक भेजनी होगी।

ये होगा स्वरूप
गार्गी मंच में राजकीय माध्यमिक, उच्च माध्यमिक व शारदे छात्रावास की बालिकाएं व बालक सदस्य होंगे। इसमें कक्षा 9 से 12 तक की बालिकाएं व बालक सदस्य होंगे। इसकी जि?मेदारी महिला शिक्षिका को दी जाएगी। महिला शिक्षिका नहीं होने पर पुरुष शिक्षक को दी जा सकती है। मंच की गतिविधियों का संचालन श्िक्षिका स्वयं नहीं करेगी बल्कि बालिकाओं को मार्गदर्शन देगी ताकि स्वयं के स्तर पर गतिविधियों का संचालन कर सकें। मंच का प्रत्येक वर्ष पुनर्गठन किया जाएगा। सक्रियता की जिम्मेदारी संस्था प्रधान व समस्त शिक्षकों की रहेगी। मंच में 15 बालिकाएं व 8 बालक सदस्य होंगे। इसमें अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा। अध्यक्ष बालिका ही होगी। उपाध्यक्ष बालक व बालिका कोई भी हो सकता है। मंच के सदस्य प्रत्येक माह में दो बार गतिविधियों का संचालन करेंगे। उधर, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालय व केजीबीवी में मीना मंच का गठन किया जाएगा। इसमें कक्षा 6 से 8 की बालिकाओं व बालक सदस्य होंगे। इसमें 20 बालिकाएं व 6 बालक सदस्य होंगे।

सालभर ये होंगे कार्यक्रम
गार्गी मंच की ओर से प्रवेशोत्सव एवं नामांकन अभियान, उपस्थिति चार्ट निर्माण, छोटे समूह में उपस्थिति, बाल विवाह, सुरक्षा, बाल श्रम, जेण्डर भेदभाव, खतरों की पहचान, कला जत्था, नुक्कड़ नाटक, शनिवारीय कार्यक्रम, सुरक्षा, शैक्षिक प्रतियोगिता एवं वार्ताएं, सकारात्मक एवं नकारात्मक शब्दों की पहचान पर नियमित संवाद, विभिन्न विषयों पर द्वैमासिक कार्यशाला, क्रियात्मक गतिविधि की समूह में चर्चा, शैक्षिक भ्रमण एवं मोहल्ला बैठक, मीना दिवस आयोजन, आत्मरक्षा के लिए बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाना आदि कार्य किए जाएंगे।

संस्था प्रधानों को निर्धारित तिथि तक मीना व गार्गी मंच का गठन करने के निर्देश दिए हंै।
अमरसिंह देवड़ा, एडीपीसी, समग्र शिक्षा विभाग, सिरोही

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