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VIDEO दिल्ली में गणतंत्र दिवस की पीएम रैली में भाग लेंगी एनसीसी कैडेट ध्रुवी राठौड़

कठिन परिश्रम और अनुशासन से भरे सात लेवल पारकर पाया मुकाम

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सिरोही. पीजी कॉलेज की छात्रा एनसीसी कैडेट ध्रुवी राठौड़ दिल्ली के राजपथ में गणतंत्र दिवस पर होने वाली पीएम रैली में भाग लेंगी। कठिन परिश्रम और अनुशासन से भरे सात लेवल पार करने के बाद इस एनसीसी कैडेट का चयन किया गया है। इस दौरान जोधपुर जोन से जिन छह होनहार छात्राओं ने करीब 1200 कैडेट्स को पछाड़कर दिल्ली जाने का टिकट हासिल किया उनमें ध़्रुवी भी शामिल हैं। वे मूल रूप से जालोर जिले के सियाणा की निवासी हैं लेकिन आजकल माता-पिता के साथ सिरोही में ननिहाल में ही रहती हैं और यहां सरकारी कॉलेज में बीएससी फाइनल इयर में पढ़ती हैं। इनकी माता ज्योति राठौड़ सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं और पिता जुगलकिशोर बस ड्राइवर। वे इस सफलता का श्रेय माता-पिता के अलावा एनसीसी टीचर को भी देती हैं। ध्रुवी बताती हैं कि सफलता में मेरी मम्मी की मेहनत खूब काम आई। मम्मी ने मेरा हर समय हौसला बढ़ाया और मुझमें हिम्मत भरी।

ऐसे दी कठिन परीक्षा
राजस्थान में एनसीसी को चार ग्रुपों में बांटा गया है। जोधपुर, जयपुर, उदयपुर और कोटा। जोधपुर जोन से 1200 कैडेट्स को ट्रेनिंग के लिए बुलाया गया। इसी तरह अन्य जोन में भी कैडेट्स बुलाए गए। सात कैम्प हुए। एक कैम्प दस दिन का रहा। कठिन परिश्रम और अनुशासन के मामले में होनहार आगे बढ़ते गए और कैम्प में कैडेट्स की क्षमता, धैर्य, अनुशासन सभी गतिविधि देखी गईं। बाद में जोधपुर, जयपुर, कोटा और उदयपुर चार गु्रपों से सलैक्ट 436 कैडेट्स को जयपुर कैम्प में बुलाया गया। इसके बाद पूरे राजस्थान से 106 छात्र-छात्राओं का चयन किया गया। इनमें 35 छात्राएं शामिल हैं। सात लेवल पार करने के बाद जोधपुर ग्रुप से सिर्फ छह छात्राओं का चयन किया गया। इसमें सिरोही यूनिट से अकेली ध्रुवी शामिल है। सभी कैडेट्स 26 जनवरी-2019 को दिल्ली में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करेंगे।

मम्मी का योगदान अनुकरणीय
मेरे मम्मी और पापा ने हमेशा साथ दिया। मैं हर छोटी-बड़ी बात मम्मी को बताती हूं। मम्मी मुझे बेहद प्यार करती हैं और मुश्किल दौर में हिम्मत व हौसला देती हैं। मोटीवेट करती हैं। आज यदि मैं दिल्ली जा रही हूं तो इसमें मेरी मम्मी का खासा योगदान है, इसे में कभी नहीं भूल सकती। इसके अलावा एनसीसी यूनिट के सर का भी सहयोग रहा।
-जैसा कि ध्रुवी राठौड़ ने पत्रिका को बताया

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