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मनरेगा मजदूरों की सेहत को लेकर नहीं किसी को परवाह

गांव से दूर मनरेगा कार्यस्थल पर काम करते हुए किसी मजदूर की तबीयत बिगड़ जाए तो भगवान ही मालिक है।

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Mukesh Kumar Sharma

Oct 13, 2015

sirohi

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सिरोही।गांव से दूर
मनरेगा कार्यस्थल पर काम करते हुए किसी मजदूर की तबीयत बिगड़ जाए तो भगवान ही मालिक
है। मनरेगा कार्य स्थलों पर इस साल दवाइयां ही नहीं पहंुची है। यहां तक कि प्राथमिक
उपचार के भी कोई प्रबंध नहीं है। ऎसे में हल्की सी समस्या होने पर भी मरीज को
अस्पताल तक भागना पड़ रहा है।


हालांकि पंचायतीराज विभाग ने स्वास्थ्य
विभाग को मेडिकल किट उपलब्ध कराए जाने को पत्र लिख रखा है, लेकिन बजट का रोडा अटकने
से स्वास्थ्य विभाग ने न तो किट बनवाए और न ही कार्य स्थल तक पहंुचाए।

इसलिए
नहीं दिखाई गंभीरता


बताया जा रहा हैं कि इस वित्तीय वर्ष में नरेगा
कार्य शुरू हुए, लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं के तहत निशुल्क दवाइयों का प्रावधान होने
से मेडिकल सम्बंधी बजट नहीं मिला। लिहाजा स्वास्थ्य विभाग को इन स्थलों पर दवाइयों
की उपलब्धता के लिए पत्र लिखा गया, लेकिन बजट नहीं होने से स्वास्थ्य विभाग ने भी
इसे गंभीरता से नहीं लिया और पत्र को उच्चाधिकारियों तक भेज दिया।

दे आते
हैं एक-दो टेबलेट


स्वास्थ्य विभाग ने इतना जरूर कर दिया कि हर क्षेत्र
के चिकित्साकर्मी को नरेगा स्थल पर जाकर प्राथमिक उपचार की कुछ दवाइयों मेट को दे
आने के लिए निर्देशित किया, लेकिन अधिकतर कार्य स्थलों पर आज तक न दवाइयां नहीं
पहंुच पाई। पांच-सात दिन में एक बार विजीट होने पर चिकित्साकर्मी श्रमिकों को
हिदायत दे आते हैं या उसी दिन जरूरत होने पर एक-दो टेबलेट जरूर दे आते
हैं।

दवाइयों के प्रावधान की अनदेखी


नियमानुसार मनरेगा कार्य
स्थलों पर श्रमिकों के लिए समुचित व्यवस्थाएं होनी चाहिए। इसके तहत मौटे तौर पर
छाया-पानी और दवाइयों के प्रबंध होने चाहिए। बच्चों के लिए पालना भी होना जरूरी है।
स्वास्थ्य जांच के लिए समय-समय पर नर्सिगकर्मी की ओर से स्वास्थ्य जांच के लिए
विजीट किए जाने का भी प्रावधान है।

हमने पत्र लिखा है...

मनरेगा
कार्यस्थलों पर श्रमिकों को दवाइयां उपलब्ध कराए जाने के लिए स्वास्थ्य विभाग को
पत्र लिखा था। वहीं से मेडिकल किट भेजना होता है या चिकित्साकर्मी स्वास्थ्य जांच
करने जाता है। दवाइयां नहीं है तो मामले की जांच करवाई जाएगी।- वीसी गर्ग, सीईओ,
जिला परिषद सिरोही

निर्देशित किया था...

प्रावधान के तहत अलग से बजट
नहीं मिलने से मेडिकल किट भी नहीं खरीदे। चिकित्साकर्मियों को कार्यस्थल पर जाकर
स्वास्थ्य जांचने और प्राथमिक उपचार की दवाइयां मेट को दे आने के लिए निर्देशित कर
रखा है। फिर भी पता कराया जाएगा।- डॉ. सुशीलकुमार परमार,
सीएमएचओ, सिरोही


अवहेलना कर गए पंचायतीराज मंत्री भी


तीन दिन पहले जिले के दौरे
पर आए ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री सुरेंद्र गोयल ने भी एक नरेगा कार्य
स्थल का जायजा लिया था। ग्रामीण विजीट के कार्यक्रम में यह तय था। यहां तक कि
मंत्री के दौरे के बावजूद प्रावधानों के तहत सुविधाएं मयस्सर नहीं थी। मंत्री ने
जहां दौरा किया वहां मेडिकल किट आज तक उपलब्ध ही नहीं हुआ। दौरे के दौरान भी
संभवतया वे श्रमिकों को मिलने वाले मेडिकल किट सम्बंधी सुविधाओं की अवहेलना कर
गए।गत 9 अक्टूबर को सिरोही से कैलाशनगर जाते हुए नारादरा गांव में मुख्य मार्ग पर
ही खोपरा नाडी पर चल रहे कार्य का उन्होंने अवलोकन किया था।


इस विजीट से
एक दिन पहले ही पत्रिका संवाददाता ने स्थल का दौरा कर जायजा लिया था, यहां कार्यरत
मेट नरपतसिंह ने बताया था कि मेडिकल किट आज तक नहीं आया।