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राजस्थान के किसानों को सीएम भजनलाल की सौगात, 61 लाख बैंक खातों में भेजी गई किसान सम्मान निधि

राजस्थान के 61 लाख किसानों के बैंक खातों में सीएम किसान सम्मान निधि की पांचवी किस्त का पैसा भेजा गया है। सीएम भजनलाल शर्मा ने सिरोही में आयोजित कार्यक्रम के दौरान यह राशि जारी की।

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Bhajanlal sharma

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (फोटो-पत्रिका)

सिरोही। राजस्थान सरकार ने किसानों, श्रमिकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े लाभार्थियों को बड़ी राहत देते हुए कई योजनाओं की राशि एक साथ जारी की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की पांचवीं किस्त की राशि जारी की। इस किस्त के तहत प्रदेश के 65 लाख से अधिक किसानों के खातों में सीधे 1,000 रुपये प्रति किसान की राशि भेजी गई है। इससे कुल 663 करोड़ रुपये किसानों को ट्रांसफर किए गए हैं।

मुख्यमंत्री का यह कार्यक्रम सिरोही जिले में आयोजित हुआ, जहां से उन्होंने एक क्लिक के जरिए राज्यभर के लाभार्थियों के खातों में पैसा पहुंचाया। इस अवसर पर केवल किसान सम्मान निधि ही नहीं, बल्कि कई अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की राशि भी जारी की गई। सरकार की ओर से कुल मिलाकर 1,590 करोड़ रुपये अलग-अलग योजनाओं के माध्यम से लाभार्थियों तक पहुंचाए गए।

दुग्ध उत्पादक संबल योजना का मिला लाभ

मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के अंतर्गत दुग्ध उत्पादकों को भी बड़ा लाभ मिला है। इस योजना के तहत करीब 4 लाख दुग्ध उत्पादकों के खातों में 50 करोड़ रुपये जमा कराए गए। योजना के अनुसार दूध उत्पादकों को प्रति लीटर दूध पर 5 रुपये की सब्सिडी दी जा रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को प्रोत्साहन मिल रहा है।

निर्माण श्रमिकों के खातों में पहुंचे पैसे

इसके अलावा राज्य के पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को भी आर्थिक सहायता प्रदान की गई। निर्माण श्रमिक शिक्षा सहायता योजना, प्रसूति सहायता योजना सहित अन्य योजनाओं के तहत 85,792 श्रमिकों के खातों में 89.49 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की गई है। इससे श्रमिक परिवारों को शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी जरूरतों में सहारा मिलेगा।

किसानों को मिली सब्सिडी

किसानों को कृषि क्षेत्र में मजबूती देने के लिए अन्य योजनाओं का लाभ भी दिया गया। कृषि यंत्रों पर मिलने वाली सब्सिडी की राशि किसानों के खातों में भेजी गई। साथ ही, फसल के उचित मूल्य को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाई जा रही भावांतर योजना के तहत 10,000 किसानों को 240 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई।

राज्य सरकार के इस कदम से किसानों, दुग्ध उत्पादकों और श्रमिकों को आर्थिक संबल मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।