
जयपुर।
राजस्थान के एक मात्र हिल स्टेशन mount abu से बड़ी खबर है। प्रदेश के लोकप्रिय पर्यटन स्थल माउंट अाबू में अब कांच की बोतलों में बीयर ( Beer bottles ) नहीं बेचीं जाएगी। प्रशासन मामले को लेकर बेहद सख्त हो चुका है और बड़ा फैसला लिया है। प्रशासन ने कांच की बोतल की जगह बीयर कैन बेचे जाने का फैसला लिया है।
आइए आपको बताते हैं आखिर क्या है ये माजरा..क्यों है प्रशासन सख्त..
दरअसल, कुछ दिनों पहले माउंट आबू की नक्की झील ( nakki lake ) की सफाई की गई। इस दौरान झील से निकले कचरे में करीब 40 हजार कांच की बीयर बोतलें बाहर निकाली गईं। 40 हजार बीयर बोतलों को निकाले जाने में 3 ट्रैक्टरों की मदद लेनी पड़ी। कांच की बोतलों के कारण पर्यावरण के नुकसान के साथ-साथ वन्य जीवों को भी खतरा है। साथ ही नक्की झील के लिए भी ये भविष्य में हानिकारक साबित हो सकता है।
झील में हजारों की संख्या में बोतलों के मिलने के बाद प्रशासन का रवैया सख्त हो गया। जिले के उपखंड अधिकारी रविन्द्र गोस्वामी ने आबकारी विभाग एवं शराब विक्रेताओं के साथ इस संबंध में मीटिंग की और बीयर कैन की बिक्री का फैसला लिया।
उपखंड अधिकारी रविन्द्र गोस्वामी ने बताया कि लोग कांच की बीयर की बोतलों का उपयोग कर फेंक देते हैं, जिनके कारण माउंट आबू में जंगली जानवरों के चोट लग जाती है। खाली बोतलें फेंकने से प्रदूषण भी फैलता है। इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए कांच की बीयर की बोतलों का उपयोग बंद करना तय किया गया है।
प्रशासन की अनूठी पहल, हर बीयर पर 20 रुपए ज्यादा
इस दौरान प्रशासन ने ये भी तय किया है कि फिलहाल उपभोक्ताओं से 20 रूपया प्रति बोतल अतिरिक्त चार्ज किया जाएगा। वहीं, बोतल वापिस किए जाने पर यह राशि उन्हें वापस कर दी जाएगी। साथ ही सभी बोतलों को इकट्ठा कर बाद में नष्ट कर दिया जाएगा। प्रशासन की इस नई पहल का उद्देश्य अगले कुछ महीनों में कांच की बोतलों का उपयोग कम से कम करना है।
Published on:
03 Jul 2019 08:01 pm
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