
त्योहारी सीजन के बावजूद रोडवेज रामभरोसे रही। धुलंडी की रात यहां न तो सुनने वाला था और न ही जवाब देने वाला। ऐसे में यात्रियों को अवैध वाहनों से जोखिम भरा सफर करना पड़ा। कंट्रोल रूम में जवाब देने वाला कोई कार्मिक तो दूर फोन तक बंद था। यहां से एक भी बस नहीं चली। बाहर से आने वाली बसों का संचालन भी मनमर्जी से हुआ। कोई स्टेशन तक पहुंचा तो ठीक अन्यथा बाहर से ही रवाना। कोई बस नजर आते ही यात्री उसके पीछे लपकते से दिखे। जिम्मेदारों की उदासीनता में जगह-जगह यात्रियों की भीड़ रही।
बताई बाइपास की परेशानी
शहर में कलक्ट्री चौराहे पर रात साढ़े दस बजे खड़े यात्री हेमंत ने बताया कि उन्हें अपनी बहन के साथ आबूरोड जाना है, लेकिन कोई बस नहीं है। कुछ देर बाद फलौदी-अहमदाबाद आई, लेकिन परिचालक ने बताया बाइपास निकलेंगे। बुजुर्ग खीमाराम को भी आबूरोड जाना था, लेकिन बायपास का सुनते ही वे नीचे बस से वापस उतर गए। बताया कि आबूरोड में बायपास उतरने के बाद शहर में जाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं मिलेगी। वीराने में लूटपाट का भी भय रहता है।
टका सा जवाब कि बाइपास निकलेंगे
रोडवेज की बस आबूरोड में बाइपास निकाली गई। फलौदी (जोधपुर) आगार की अहमदाबाद के लिए दो बसें रात करीब सवा दस बजे से पौने ग्यारह बजे तक की अवधि में सिरोही से निकलती है। इनमें से पहली बस करीब साढ़े दस बजे आई, लेकिन आबूरोड के यात्रियों को निराशा मिली। परिचालक ने टका सा जवाब दिया कि वे बाइपास निकलेंगे। नियमानुसार इन बसों को आबूरोड बस स्टैंड से होकर गुजरना होता है।
कंट्रोल रूम भी छुट्टी पर
धुलंडी के कारण अधिकतर कार्मिक अवकाश पर थे। यहां रात में कोई नहीं था।अधिकारी बताते हैं कि धुलंडी होने से यात्री भार नहीं था इसलिए सभी ने छुट्टी रखी, लेकिन कंट्रोल रूम में एक भी कार्मिक नहीं होना और फोन भी बंद रखा गया क्यों, इसका किसी के पास जवाब नहीं है।
दूसरे दिन भी रामराज...
आबूरोड आगार की पाली से आबूरोड तक चलनेे वाली बस नम्बर आरजे 38 पीए 0907 में भी मंगलवार को भी कुछ ऐसे ही हालात देखने को मिले। यह बसे मंगलवार दोपहर एक बजे सिरोही पहुंची। एक महिला ने शिवगंज से पालड़ी एम गांव तक इसी बस में सफर किया। लेकिन उसे भी बस स्टैंड से करीब एक किलोमीटर दूर दोपहर साढ़े बारह बजे बाइपास पर उतारा गया। महिला ने चालक और परिचालक से खूब विनती कि उसे जब पालड़ी एम का टिकट दिया गया है तो बाइपास पर क्यों उतार रहे हो लेकिन उसकी बिल्कुल नहीं सुनी गई। इधर, मंगलवार सुबह बस स्टैंड पर जवाब देने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी मिला। मुख्य प्रबंधक अवकाश पर बताए गए। यातायात प्रबंधक के यहां कुंडी लगी मिली।
आप लिखित में दीजिए...
&बस को आबूरोड शहर में जाना चाहिए था, परिचालक ने बाइपास का बताया तो गलत है। अभी जानकारी करते हैं। मानते हैं कि कार्मिकों की कमी है, लेकिन जिम्मेदारी तो होनी ही चाहिए। आप भी अपनी शिकायत लिखित में दीजिए, सम्बंधित परिचालक पर कार्रवाई की जाएगी।
हामिद अली, यातायात प्रबंधक, फलौदी आगार
कार्रवाई करेंगे...
&धुलंडी पर सभी ने छुट्टी ले रखी थी, लेकिन कंट्रोल रूम में तो किसी को होना चाहिए था। फोन बंद रखना भी गलत है। अभी जानकारी लेते हैं समुचित कार्रवाई की जाएगी।
आरएस मीणा, रोडवेज आगार प्रबंधक, सिरोही
Published on:
15 Mar 2017 10:43 am
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