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मंडार.जेतावाड़ा पंचायत मुख्यालय पर एक कृषि भूमि में बिना भूमि रूपांतरित करवाए तथा पंचायत की बिना स्वीकृति के भवन निर्माण व सड़क सीमा में दुकानें बना दी। निर्माण कर्ता के भवन व दुकानों की नींव भरने के दौरान सरकार की ओर से आयोजित प्रशासन गांवों के संग अभियान शिविर में ग्रामीणों ने लिखित विरोध जता कर नियम विरुद्ध चल रहे निर्माण को बंद करवाने की मांग की थी। लेकिन, प्रशासन की ओर के नजरंदाज करने या मौन स्वीकृति मिलने के कारण निर्माण कार्य पूरा हो गया। जेतावाड़ा के रसिकलाल जैन ने बताया कि जेतावाड़ा में आयोजित प्रशासन गांवों के संग अभियान शिविर में शिविर प्रभारी को रिपोर्ट देकर बताया था। खसरा नंबर 461 में रास्ते की भूमि पर अवैध रूप से कृषि भूमि को बिना रूपांतरित करवाए तथा पंचायत की बिना स्वीकृति के ही नियमों के विरुद्ध निर्माण करवाया जा रहा है। निर्माण सड़क के केंद्र ङ्क्षबदु से मात्र 15 फीट पर है। दुकान का निर्माण पंचायत व राजस्व विभाग के संरक्षण से गुप-चुप तरीके से बनाने का भी आरोप लगाया था। जिससे सरकार को भी राजस्व नुकसान हो रहा है। रिपोर्ट में रास्ते की 13 बिस्वा भूमि पर राजनीतिक दबाव व धनबल के आधार पर निर्माण होना बताया था। जैन से अवैध निर्माण को ध्वस्त करवा रास्ते की जगह को खुला करवाकर राहत मुहैया करवाने की मांग की थी। लेकिन, प्रशासन की ओर से नजरंदाज किए जाने से ऐसे लोगों के हौसले बुलंद है।
इन्होंने बताया...
&आवासीय या व्यवसाय के लिए दुकान निर्माण के पहले भूमि का रूपान्तरण जरूरी है। पंचायत की स्वीकृति से ही निर्माण होता है। अधिकारियों के निर्देशानुसार मौका फर्द व जांच पत्रावली बनाकर पेश की थी। मुझे पूरी जानकारी नहीं है कि उसके बाद क्या हुआ। जानकारी लेकर बताता हूं। अगर नियम के विरुद्ध निर्माण हुआ है तो नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- जब्बर ङ्क्षसह, नायब तहसीलदार, मंडार
Published on:
05 Apr 2022 08:56 am
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