
sirohi
सिरोही. इस साल श्रावण महीने की शुरुआत 27 जुलाई से हो रही है लेकिन इसे उदया तिथि यानी 28 जुलाई से माना जाएगा। सोमवार, 26 अगस्त को श्रावण मास का आखिरी दिन होगा। पहला सोमवार 30 को है। इस बार करीब १८ साल बाद श्रावण की शुरुआत गुरुपूर्णिमा और चंद्रग्रहण के संयोग में हो रही है। ज्योतिषियों का मानना है कि सर्वार्थ सिद्धि योग में आ रहे श्रावण में मांगलिक कार्यों में सफलता, सौम्यता और शुभता बनी रहेगी। इसके पहले यह संयोग १६ जुलाई २००० को बना था। पंचांग गणना के अनुसार आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा शुक्रवार २७ जुलाई को उत्तराषा नक्षत्र, विष कुंभ योग तथा मकर राशि में चंद्रमा के संयोग में आएगी। इस दिन श्रावण की शुरुआत, गुरु पूर्णिमा तथा खग्रास चंद्रग्रहण भी है।गणितीय विश्लेषण करें तो तीनों का संयोग १८ साल बाद आ रहा है। धर्मशास्त्रों की मान्यता है कि पूर्णिमा तिथि पूर्णकालिक मानी जाती है। इस दिन उत्तराषा नक्षत्र होने से इसका महत्व और बढ़ेगा। मुहूर्त गणना से देखें तो उत्ताराषा नक्षत्र को शुभ नक्षत्र माना जाता है।
भविष्यवक्ता अशोक एम पंडित ने बताया कि यह नक्षत्र मकर राशि में चंद्रमा के प्रभाव से संबंधित है और उत्तराषा का क्रम पूर्ण लाभकारी माना है। इस नक्षत्र में वैदिक साधना विशेष फल देने वाली मानी जाती है।
गुप्त नवरात्र १३ से
१३ जुलाई को गुप्त नवरात्र शुरू होंगे जिसका समापन २१ जुलाई को होगा। इस नवमी को ही अबूझ मुर्हूत है। इसी महीने ९ जुलाई को योगिनी एकादशी, २३ को देवशयनी एकादशी का व्रत तथा १० और २५ को प्रदोष का व्रत किया जाएगा।
चातुर्मास भी इसी माह
इसी माह में श्रावण मास के साथ चातुर्मास भी शुरू होगा। मांगलिक कार्यों में सफलता मिलेगी। संकल्पित उद्देश्यों की पूर्ति की जा सकती है।हालांकि ज्योतिषियों का मानना है कि ग्रहों के कारण राजनीतिक उठा-पटक होगी। नीतिगत दृष्टिकोण में बदलाव होगा। राजनीतिक दलों को संघर्ष करना पड़ेगा। खग्रास चन्द्रग्रहण देश पर में दिखेगा। चन्द्रग्रहण के प्रभाव से कोई अछूता नहीं रहेगा।
Published on:
06 Jul 2018 09:32 am
बड़ी खबरें
View Allसिरोही
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
