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पुलिस के हाथ नहीं लगा सम्पत्ति का खास ब्यौरा, खतरे में निवेशकों का मूलधन

-सोसायटी चेयरमैन व एमडी की गिरफ्तारी के बावजूद गबन राशि के हिसाब को लेकर पुलिस को खास सफलता नहीं मिली
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सिरोही

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Bharat Kumar Prajapat

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Updated: 27 Feb 2018, 10:48 AM IST

sirohi

Kheteshwar Urban Credit Co-Operative

सिरोही. करोड़ों के गबन में फंसी खेतेश्वर अरबन क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी के चेयरमैन व एमडी की गिरफ्तारी के बाद भी निवेशकों का मूलधन लौटाने की आस बंधती नजर नहीं आ रही है। सोसायटी के चेयरमैन को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस की ओर से पूछताछ कर जेल भी भेजा जा चुका है। इसके बाद अब एमडी (प्रबंधन निदेशक) को भी गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट से पांच दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई, लेकिन गबन की राशि के निवेश को लेकर पुलिस कोई खास जानकारी नहीं जुटा पाईहै। हालांकि, रिमांड अवधि पूरी होने पर एमडी को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे भी जेल भेजा जा चुका है। लेकिन पुलिस का कहना है कि उसे दूसरे प्रकरण में प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया जाएगा। ऐसे में जाहिर है कि सोसायटी के गबन के रिकॉर्ड में बुरी तरह से उलझी कोतवाली थाना पुलिस पांच दिन रिमांड के बावजूद सोसायटी के एमडी राजवीरसिंह राजपुरोहित से कोई खास राज नहीं उगलवा सकी है। जबकि, पूर्व में गिरफ्तार चेयरमैन विक्रमसिंह राजपुरोहित ने पुलिस पूछताछ में सोसायटी के एमडी राजवीरसिंह और जनसम्पर्क अधिकारी शैतानसिंह पर ही गबन का आरोप लगाया था। हालांकि, जनसम्पर्क अधिकारी अब तक गिरफ्त से दूर है, लेकिन एमडी की गिरफ्तारी से भी गबन राशि की रिकवरी के बारे में कोई खास सफलता नहीं मिली है।
एक-दूसरे पर आरोप, एक आरोपित अब भी फरार
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपितों ने एक-दूसरे पर गबन का आरोप लगाते हुए खुद की जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। पूर्व में गिरफ्तार चेयरमैन ने एमडी व जनसम्पर्क अधिकारी पर गबन का आरोप लगाते हुए पुलिस को गुमराह किया था। लेकिन अब एमडी की गिरफ्तारी हुई तो वह चेयरमैन को ही गबन के लिए जिम्मेदार ठहरा रहा है। जबकि, सोसायटी का जन सम्पर्क अधिकारी शैतानसिंह राजपुरोहित अब तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाया है।
करोड़ों का गबन, न मिली नकदी और न ही बैंक बैलेंस
आरोपितों की ओर से करीब १०० करोड़ का गबन किया गया, लेकिन पुलिस को महज लाखों रुपए की सम्पत्ति के ही दस्तावेज हाथ लगे हैं। जबकि, आरोपितों के पास पुलिस को न तो नकदी मिली और न ही बैंक खाते में कोई जमा पूंजी। इसके अलावा अचल संपत्ति का पता लगाया तो आबूरोड में करीब २८ फ्लैट की जानकारी मिली है। इसमें भी कुछ फ्लैट्स का बेचान किया जा चुका है। लेकिन इन फ्लैट्स की कीमत भी करीब ७ करोड़ रुपए से ज्यादा नहीं बताईजा रही है। इसके अलावा नया सनवाड़ा में ५ बीघा कृषि भूमि का होना ही सामने आया है। जिसकी कीमत भी करीब ५-६ लाख रुपए बताईजा रही है। इसके अलावा पुलिस के हाथ सम्पत्ति सम्बंधित कोई खास दस्तावेज हाथ नहीं लग पाए हैं। जबकि, पुलिस की पूर्व जांच में घोटाला 100 करोड़ रुपए के आस-पास का हुआ है। जिसमें करीब ४० करोड़ रुपए अकेले सिरोही जिले के लोगों के हैं। लेकिन आरोपित ने यह राशि कहां और कैसे खर्च की, इसका कोईठोस प्रमाण पुलिस को नहीं मिल सका है।
दो आरोपित हो चुके हैं गिरफ्तार
कोतवाली थाना पुलिस सोसायटी चेयरमैन विक्रमसिंह राजपुरोहित को १० जनवरी को गिरफ्तार किया था। वहीं एमडी राजवीरसिंह को १८ फरवरी को गिरफ्तार किया गया था।
यह था मामला
गौरतलब है कि पिलोवनी (पाली) निवासी विक्रमसिंह, राजवीरसिंह पुत्र रामसिंह राजपुरोहित व शैतानसिंह राजपुरोहित ने फरवरी 2002 में सिरोही में खेतेश्वर अरबन क्रेडिट को ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड खोली थी। इसके बाद सोसायटी को मल्टी स्टेट का दर्जा मिलने के बाद राजस्थान के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र सहित अन्य स्थानों पर सोसायटी की 4५ शाखा खोली थी। जिसमें एजेंट्स को अच्छे कमीशन का झांसा देकर पांच हजार से अधिक निवेशकों से 100 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जमा करवा दी। फिर 25 जुलाई 2016 को सोसायटी की शाखाओं पर ताला लगा दिया और फरार हो गया। इसमें करीब ४० करोड़ रुपए अकेले सिरोही जिले के लोगों के हैं।
इनका कहना है...
आरोपितों से पूछताछ के दौरान आबूरोड में फ्लैट्स व नया सनवाड़ा में कृषि भूमि के बारे में जानकारी मिली है। इसके अलावा इनके पास नकदी व बैंक बैलेंस नहीं मिला है। हालांकि, आरोपितों ने गबन की बड़ी राशि कहां और कैसे खर्च की, इसकी जानकारी जुटाने के वित्तीय विशेषज्ञ का भी सहयोग लिया जाएगा।
-आनंद कुमार, थाना प्रभारी, कोतवाली, सिरोही