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एक टंकी से बुझ रही प्यास

गोलिया में एक दो हैण्डपम्प तो लगे हुए है, लेकिन उसमें पानी खारा होने से पीने लायक नहीं है। टंकी पर तीन नल लगे होने के कारण दिनभर महिलाओं तथा युवतियों की कतार लगी रहती है। कई बार तो इस टंकी में भी पानी की आपूर्ति भी कई बार समय पर नहीं होती।

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Thirst is quenched from a tank

Thirst is quenched from a tank

समीपवर्ती ओर गांव रेबारियों का गोलिया में जलदाय विभाग की ओर से स्थापित एक टंकी से लगभग आठ सौ घरों की आबादी मात्र इस एक टंकी पर आश्रित है, जो भूतल पर बनी हुई है। यहा गोलिया में एक दो हैण्डपम्प तो लगे हुए है, लेकिन उसमें पानी खारा होने से पीने लायक नहीं है। टंकी पर तीन नल लगे होने के कारण दिनभर महिलाओं तथा युवतियों की कतार लगी रहती है। कई बार तो इस टंकी में भी पानी की आपूर्ति भी कई बार समय पर नहीं होती। यहां के बाशिंदों ने कई बार ग्राम पंचायत में पानी की व्यवस्था करने के लिए मांग की है, लेकिन आज भी एक टंकी के सहारे इनकी प्यास बुझानी पड़ रही है। गांव में नल कनेक्शन नहीं दिए जाने से महिलाओं का आधा समय तो पानी के लिए चला जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि गोलियां तथा आस-पास में भूतल में खारे पानी की समस्या है, ऐसे में यहा पर हैण्डपम्पों से खारा पानी निकलता है, ऐसे में लोग घरों में ट्यूबवेल भी नहीं करवा सकते है, ऐसे में लोगों को पानी की ज्यादा समस्याओं का सामना करना पड़ता है गर्मी में तो समस्या और बढ़ जाती हैं।

टंकी के चारों और फैली गंदगी
जिलेभर में स्वच्छ अभियान चलाकर गांव शहर तथा मुख्य स्थानों को साफ रखने का फरमान चल रहा है, लेकिन इस टंकी के चारों और इतनी गंदगी फैली हुई है, जिसकी हद नहीं यहा पर टंकी के पास ही पशुओं के पानी के लिए अवाड़ा बनाया गया है, जिससे सवेरे यहा लोगों के भारी भरने के साथ साथ पशु भी चरने जाने के पूर्व इस अवाड़े से प्यास बुझाते है, ऐसे कई बार गोबर के ढेर लग जाते, इसके कारण यह विभिन्न प्रकार के मच्छरों की भरमार लगी रहती है।

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