
सिरसा मं धरनारत किसान को ले जाती पुलिस
सिरसा। पंजाब की तरह हरियाणा में कृषि कानूनों को जबर्दस्त विरोध चल रहा है। किसानों की लड़ाई मे स्वराज पार्टी भी कूद गई है। मंगलवार को हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला और विद्युत मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे सैकड़ों किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया था। पुलिस से भिड़ गए थे। पुलिस ने लाठीचार्ज किया और वाटर कैनन का प्रयोग किया। इसके बाद भी किसान हटे नहीं। रात भर डटे रहे। बुधवार सुबह पुलिस ने किसानों को गिरफ्तार कर लिया। बता दें कि कृषि कानूनों के खिलाफ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ट्रैक्टर रैली लेकर हरियाणा में छह अक्टूबर को आए थे। इसके साथ ही किसानों में जोश आ गया था।
सड़क पर लेट गए किसान
किसान सिरसा में बरनाला रोड के भूमणशाह चौक पर धरने पर बैठे थे। पुलिस ने किसानों से धरना समाप्त करने की अपील की। किसान नहीं माने। धीरे-धीरे पुलिस बल बढ़ने लगा। पुलिस और किसानों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। किसान सड़क पर लेट गए। नारेबाजी करने लगे। मंगलवार की अपेक्षा बुधवार को किसानों की संख्या कम थी। पुलिस ने इसका फायदा उठाया। किसानों को जबरन उठाकर बस में बैठाकर पुलिस लाइन भेज दिया। देखते ही देखते पुलिस ने बरनाला रोड खाली करा लिया। मौके से दरी आदि सामान भी जब्त कर लिया। इसके साथ ही यातायात व्यवस्था सुचारु हो गई।
योगेन्द्र यादव ने दिया धरना
कुछ देर बाद स्वराज पार्टी के नेता योगेंद्र यादव धरनास्थल पर पहुंचे और कहा कि वह यहीं धरना देंगे। इसके बाद वे चौक में किसान नेता प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा समेत अपने पांच छह साथियों के साथ बैठ गए। बाद में पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया।
आंदोलन जारी रहेगा
योगेंद्र यादव ने कहा कि गिरफ्तारी से किसान डरने वाला नहीं है। किसान सड़कों पर आ गया है और अब नहीं डरेगा। किसानों पर दमन कर पुलिस ने फिर पीपली की याद दिला दी है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन कानून वापस लेने तक जारी रहेगा।
Published on:
7 Oct 2020, 6:45 PM IST
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