
एक किलो गेहूं के पैसे किसके !
नमी का 14 प्रतिशत का पैमाना 12 प्रतिशत कर दिया
चंडीगढ़ में शनिवार को पे्रसवार्ता के दौरान हरियाणा सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए चौटाला ने कहा कि किसानों को कैसे लूटा जाए, उसके लिए गेहूं की नमी का 14 प्रतिशत का पैमाना 12 प्रतिशत कर दिया है। मंडियों में बारदाना तक नहीं है। सरकार के उन सभी दावों की पोल खुल गई है जो कह रहे थे कि मंडियों में किसान की गेहूं खरीद के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पहली बार ऐसा देखने को मिला है कि गेहंू खरीद के समय मंडियों को दो दिन बंद रखा गया।
ये कैसे तरीके: गेहूं में चमक नहीं,कहीं नमी बढ़ी
सिरसा जिले में किसानों की गेहूं यह कहकर नहीं खरीदी जा रही कि उनकी गेहूं में नमी बढ़ गई है वहीं कैथल मंडी में गेहूं यह कहकर वापस कर दी कि उनकी गेहूं में चमक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने मंडियों में नई मशीनें लगा दी हैं जिसमें गेहूं डाली जाती है और गेहूं की झार लगाने पर 40 प्रतिशत गेहूं किसानों को वापस ले जानी पड़ती है।
किसानों के हित में नहीं तीन कृषि कानून
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री को पत्र लिखना चाहिए कि जो उन्होंने तीन कृषि कानून बनाए हैं वो किसानों के हित में नहीं हैं और उनके गलत निर्णयों की वजह से आज लाखों किसान धरनों पर बैठे हैं। अगर उनको महामारी से बचाना चाहते हैं तो उन्हें तुरंत ये तीनों कानून वापिस ले लेने चाहिए। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी को फैलाने के लिए भी भाजपा सरकार जिम्मेदार है। इनेलो नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री को किसानों से माफी मांगनी चाहिए और धरने पर बैठे किसानों के प्रति सहानुभूति प्रकट करनी चाहिए। भाजपा के मंत्रियों और नेताओं द्वारा किसानों को जो अपशब्द कहकर अपमानित किया गया था उनको भी किसानों से माफी मांगनी चाहिए।
Published on:
17 Apr 2021 10:12 pm
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