
पंचकूला। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम पर चल रहे दो हत्या के मामलों में पंचकूला सीबीआई कोर्ट में आज सुनवाई हुई। रंजीत मर्डर में 22 दिसम्बर को और रामचंद्र छत्रपति हत्या मामले में 6 जनवरी को अगली सुनवाई होगी। छत्रपति हत्या मामले के दो आरोपियों निर्मल और कुलदीप ने कोर्ट में नए वकीलों के लिए अपील की है। सूत्रों के अनुसार राम रहीम बीमार है जिसके चलते आज की सुनवाई में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी कोर्ट में पेश नहीं हुए।
सीबीआई कोर्ट में रंजीत मर्डर और रामचंद्र छत्रपति हत्या मामले में बहस हुई। दोनो मामलों में फाइनल बहस चल रही है। उल्लेखनीय है कि 10 जुलाई 2002 को डेरे की प्रबंधन समिति के सदस्य रहे कुरुक्षेत्र के रणजीत का मर्डर हुआ था। डेरा प्रबंधन को शक था कि रणजीत ने साध्वी यौन शोषण की गुमनाम चि_ी अपनी बहन से ही लिखवाई थी। पुलिस जांच से असंतुष्ट रणजीत के पिता ने जनवरी 2003 में हाई कोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआई जांच की मांग की थी। मामला अंतिम बहस पर चल रहा है इसलिए कयास लगाए जा रहे हैं कि कोर्ट जल्द ही अपना फैसला सुनाएगा।
बता दें 24 अक्टूबर 2002 को सिरसा के सांध्य दैनिक 'पूरा सचÓ के संपादक रामचंद्र छत्रपति को पांच गोलियां मारी गई थी, जिसके बाद 21 नवंबर 2002 को रामचंद्र छत्रपति की दिल्ली के अपोलो अस्पताल में मृत्यु हो गई। बताया जाता है कि अपने अखबार में साध्वी यौन शोषण मामले को उठाने पर ही रामचंद्र छत्रपति की हत्या की गई। जनवरी 2003 में पत्रकार छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआइ जांच की मांग की थी।
डेरे में दी दस्तक, गायब मिले विपासना सहित कई पदाधिकारी
साध्वियों से रेप मामले में 20 साल की सजा काट रहे गुरमीत राम रहीम और हनीप्रीत के जेल जाने के बाद अब विपासना इंसां की कभी भी गिरफ्तारी हो सकती है। पुलिस ने उसके खिलाफ कई पुख्ता सबूत जुटा लिए हैं। वहीं बीते दिन डीसीपी के साथ एसआईटी राम रहीम के डेरे में पहुंचे। जहां डेरे की चेयरपर्सन विपासना इंसां सहित कई बड़े पदाधिकारी नहीं मिले। सूत्रों के अनुसार विपासना को पुलिस के आने की सूचना मिल गई थी जिसके कारण वह वहां से चली गई। डेरे पहुंचने पर एसआईटी ने उस कमरे का भी निरीक्षण किया, जिसमें राम रहीम को भगाने और पंचकूला हिंसा करने की मिटिंग हुई थी।
इसके साथ ही राम रहीम की गुफा का भी निरीक्षण किया गया। इस दौरान पंचकूला के डीसीपी मनबीर सिंह, एसआईटी इंचार्ज मुकेश मल्होत्रा समेत एसआईटी टीम के सदस्य मौजूद रहे। डीसीपी ने सिरसा एसआईटी के सदस्यों के साथ मीटिंग की और डेरे से जुड़े मामलों की समीक्षा की है। यहां तय किया गया कि क्या वाकई यहां मीटिंग के लिए इतने लोग बैठ सकते हैं। टीम यहां कोर्ट में पेश किए गए चालान को पुख्ता करने पहुंची थी, ताकि कोर्ट में उसे किसी तरह की दिक्कत न हो। इसके बाद एसआईटी राम रहीम की गुफा में पहुंची। डेरे में पुलिस को वाइस चेयरपर्सन मिली। एसआईटी ने उससे विपासना समेत कई अहम मुद्दों पर बात की है।
Published on:
19 Dec 2017 10:48 pm
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