
चंडीगढ़। एसवाईएल के मुद्दे पर इनेलो एक बार फिर से आक्रामक हो गई है। पार्टी ने एक मई से इस मुद्दे पर हरियाणा में जेल भरों आंदोलन शुरू करने का ऐलान कर दिया है। जिसे सफल बनाने के लिए बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। इनेलो के प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने आज यहां जारी एक बयान में कहा कि इनेलो के पास अब संघर्ष के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा।
सरकारों को पत्र लिखे गए, प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री से मिलने के लिए समय मांगा गया। इसके बाद भी भाजपा सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। एसवाईएल का पानी हरियाणा का अधिकार है और इस अधिकार के लिए इनेलो पहली मई से ‘जेल भरो आंदोलन’ की शुरुआत करेगी। इस आंदोलन में सहयोग के लिए नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला ने निजी तौर पर सभी सरपंचों, पंचों, व्यापारी संगठनों और किसान संगठनों को पत्र लिखकर सहयोग की अपील भी की है।
इनेलो प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि इस संघर्ष की शुरुआत भिवानी से की जाएगी। इसके अलावा आठ अन्य जिलों में क्रमवार राज्यस्तरीय गिरफ्तारियां दी जाएंगी। इस क्रम में 4 मई को यमुनानगर, 8 मई को नूंह, 11 मई को सिरसा,15 मई को नारनौल, 18 मई को कुरुक्षेत्र, 22 मई को फतेहाबाद व 25 मई को पलवल और कैथल में 29 मई को डीसी कार्यालय का घेराव करेगी और गिरफ्तारियां देगी। उन्होंने कहा कि इनेलो एसवाईएल के निर्माण और प्रदेश के हक के पानी को प्रदेश की जनता तक पहुंचाने के लिए वचनबद्ध है और वह इसके लिए कोई भी कीमत चुकाने से नहीं डरते।
अशोक अरोड़ा ने सरकार को घेरते हुए कहा कि इनेलो ने 7 मार्च की ‘किसान अधिकार रैली’ में जेल भरो आंदोलन की घोषणा की थी। सरकार ने इसके बाद भी इस मामले पर कोई संज्ञान नहीं लिया और न ही नहर निर्माण की बहाली के लिए कोईकदम उठाए हैं। मुख्य विपक्षी दल होने के नाते यह इनेलो की जिम्मेवारी है कि वह गूंगी-बहरी सरकार को प्रदेश की जनता की आवाज सुनाए ताकि जनता का दुख दर्द सत्तारूढ़ भाजपा मुख्यमंत्री के कानों तक पहुंचे।
उन्होंने यह भी कहा कि इनेलो इस आंदोलन को शांतिपूर्वक ढंग से गिरफ्तारियां देगी और यह संघर्ष अधूरे पड़े नहर निर्माण का कार्य शुरू होने तक जारी रहेगा। लेकिन अगर इस आंदोलन के दौरान कोई भी अप्रिय घटना होती है या प्रदेश में कानून व्यवस्था बिगड़ती है तो इसके लिए प्रत्यक्ष तौर पर सरकार जिम्मेवार होगी।
Published on:
25 Apr 2018 12:52 am

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