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50 चालकों की जांच: 26 को नजदीक का नहीं दिखता, दो को मोतियाङ्क्षबद

सडक़ सुरक्षा माह के अंतर्गत आयोजित हुआ नेत्र परीक्षण शिविर

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शहडोल. सडक़ सुरक्षा माह के अंतर्गत मंगलवार को यातायात विभाग में नि:शुल्क नेत्र परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक रामजी श्रीवास्तव की उपस्थित में आयोजित हुई। शिविर का मुख्य उद्देश्य सडक़ हादसों में कमी लाने लोगों को जागरुक करना एवं वाहन चालकों को नेत्र परीक्षण करना था। कार्यक्रम में जिला चिकित्सालय से डॉ. गरिमा धुर्वे, रंगनाथ मिश्रा एवं रमाकांत पटेल सहित उनकी टीम ने वाहन चालकों का नेत्र परीक्षण किया। एक दिवसीय शिविर में 50 ऑटो, बस एवं ट्रक चालकों ने परीक्षण कराया। जिनमें 2 वाहन चालकों में मोतियाबिंद एवं 26 वाहन चालकों में निकट दृष्टि की समस्या पाई गई, जिन्हें उपचार के साथ दवा का वितरण किया गया। मोतिबिंद के मरीजों को जिला चिकित्सालय में नि:शुल्क ऑपरेशन करने की सलाह दी गई।

छात्र-छात्राओं को किया पुरस्कृत
सडक़ सुरक्षा माह के अंतर्गत चित्रकला, निबंध एवं रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में स्कूली छात्र छात्राओं ने हिस्सा लिया। विजेता प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरुस्कार देकर सम्मानित किया गया।

45-70 की आयु में आ रही समस्या
नेत्र विशेषज्ञों की माने तो निकट दृष्टि की समस्या अधिकांश 45-70 आयुवर्ग के लोगों में आती है। इस उम्र में आंखों की मांसपेशियां कमजोर हो जाती है, जिसके कारण पास की वस्तु को देखने में धुंधलापन एवं दूर की वस्तु स्पष्ट दिखाई देती है। ऐसे मरीजों की आंखों की जांच के बाद चश्मा का उपयोग करने की सलाह दी जाती है।

नियम का उल्लघंन करने वालों का बनेगा ग्रुप
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक रामजी श्रीवास्तव ने यातायात विभाग से कहा कि वाहन चेकिंग में चालानी कार्रवाई करना हमारा मकसद नहीं है, बल्कि सडक़ हादसे में कमी लाना है। उन्होंने कहा कि दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने प्रेरित करें। हेलमेट धारण करने से 60 प्रतिशत तक सडक़ हादसे में जान बच सकती है। वाहन चेकिंग के समय यातायात नियमों का पालन न करने वाले की लिस्टिंग कर सोशल मीडिया ग्रुप बनाए, जिसमें अधिक से अधिक जागरुकता संदेश प्रेषित करें। यह काम निरंतर जारी रखा जाए। उन्होंने कहा हमे 25 प्रतिशत तक सडक़ हादसे में हो रही मौत को कम करना है। यह सडक़ सुरक्षा जागरुकता अभियान माह भर नहीं पूरे वर्ष चलाया जाए।