6 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सरकारी सिस्टम से परेशान किसान कमिश्नर कार्यालय में करने वाला था आत्मदाह, छत में ले जा रहा था पेट्रोल व लाइटर

जन सुनवाई में पीडि़त ने पटवारी पर लगाया भूमि खुर्दबुर्द करने का आरोप

2 min read
Google source verification

शहडोल. सिस्टम से परेशान अनूपपुर जिले का एक किसान मंगलवार को कमिश्नर की जनसुनवाई में तैयारी के साथ आत्मदाह करने पहुंच गया। किसान का आरोप है कि उसकी निजी भूमि को पटवारी ने खुर्दबुर्द कर परिवार के अन्य सदस्यों के नाम कर दिया है। जिसकी शिकायत व प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार कर चुका लेकिन उसे न्याय न मिलने के कारण निराश है। मंगलवार को जनसुनवाई में आवेदन देकर कमिश्नर कार्यालय की छत में आत्मदाह के लिए चढऩे लगा, तभी सीढ़ी में गिर गया। जिसे कार्यालय के कर्मचारियों ने जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया है, जहां उसका उपचार जारी है। घटना की जानकारी लगते ही नायब तहसीलदार शाम को अस्पताल पहुंचकर बयान दर्ज किया है। पीडि़त ने पटवारी पर परिवार के सदस्यों से 21 हजार रुपए लेकर भूमि खुर्दबुर्द करने का आरोप लगाया है। पीडि़त ने बताया कि दस्तावेज सुधारने पटवारी उससे भी 10 हजार रुपए ले लिया, लेकिन आजतक दस्तावेज में सुधार नहीं कराया। बीते दिनों जब वह अपनी भूमि के दस्तावेज ऑनलाइन निकलवाए तो पता लगा उसके नाम एक भी भूमि नहीं है। जिससे वह काफी परेशान हो गया।

पहले भी कर चुका था शिकायत
पीडि़त बृजराज जोगी 57 वर्ष निवासी कोदैली रामपुर अनूपपुर ने बताया कि वह बीते एक वर्ष से परेशान है। उसकी 10 एकड़ भूमि पटवारी ने खुर्दबुर्द कर परिवार के अन्य सदस्यों के नाम कर दिया है। जिसकी शिकायत वह कई बार तहसील कार्यालय, कलेेक्टर अनूपपुर, कमिश्नर सहित आइजी से कर चुका था, लेकिन उसे कहीं से न्याय नहीं मिला। जिससे पेरशान होकर वह मंगलवार को 12.30 बजे मोटर साइकल से कमिश्नर कार्यालय पहुंचा, जहां अधिकारी को आवेदन दिया, वहीं आवेदन में कहा था कि 7 दिवस के अंदर जांच नहीं कराया गया तो पूरा परिवार कार्यालय के सामने दोपहर दो बजे आत्मदाह करेंगे। लेकिन पीडि़त को कार्यालय में संतोषजनक जवाब नहीं मिला। जिससे आत्मघाती कदम उठाने मजबूर हो गया।

पेट्रोल व लाइटर लेकर पहुंचा कार्यालय
पीडि़त बृजराज जोगी ने बताया कि जनसुनवाई में जब उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो वह काफी हताश हो गया। उसने पेट्रोल व लाइटर खरीदा और दोपहर 2 बजने का इंतजार करने लगा। 2 बजते ही कमिश्नर कार्यालय की छत में आत्मदाह करने जाते समय अचानक सीढ़ी में गिर कर अचेत हो गया। कर्मचारियों की नजर पड़ी तो उसके कमरे में पेट्रोल की बॉटल व हाथ में लाइटर रखा था। जिसे आनन-फानन में कर्मचारियों ने जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। जहां आइसोलेशन वार्ड में इलाज जारी है।