
खजूर की बागवानी में बढ़ा रूझान
ऐसे बढ़ा रूझान
शुरुआत में महज चार किसानों ने कृषि अधिकारियों से सलाह लेकर खजूर की खेती शुरू की। इससे होने वाले मुनाफा को देखते हुए अन्य किसानों ने भी इस नवाचार को अपनाया।
एक हेक्टेयर में कुल 156 पौधे
इसकी फसल को पकने के लिए शुष्क व गर्म वातावरण की जरूरत होती है। सिरोही जिले की मृदा व जलवायु इसके लिए पूरी तरह अनुकूल है। खजूर के पौधे, पेड़ बनने के बाद सालों साल फल देते हैं। इसमें रोग व कीड़े भी ज्यादा नहीं लगते। एक हेक्टेयर में कुल 156 पौधे लगते हैं। इसमें 148 मादा व आठ पौधे नर के लगते हैं।
75 फीसदी तक अनुदान
इसकी खेती को बढ़ावा देने के लिए उद्यान विभाग की ओर से अनुदान भी दिया जाता है। वर्ष 2022-23 में राष्ट्रीय कृषि विकास योजनान्तगर्त खजूर पौधारोपण पर विभाग की ओर से अनुमोदित दर का 75 प्रतिशत अनुदान देय है।
जिले का बड़ा उत्पादक
जिले में पिण्डवाड़ा तहसील के किसान परेश भाई सोमपुरा जिले में सबसे बड़े खजूर उत्पादक किसान है, जिन्होंने वर्ष 2017-18 में लगभग 30 हेक्टेयर क्षेत्रफल में खजूर के पेड़ लगाकर हर साल अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं।
51 हेक्टेयर में खजूर की खेती
&बरही एवं खुनेजी किस्म की खजूर की खेती की जा रही है। देखभाल सही हो तो इन किस्मों के पौधे करीब 90 साल तक उत्पादन देते हैं। जिले में 17 से अधिक किसान 51 हेक्टेयर में खजूर की खेती कर हर साल दो करोड़ रुपए कमा रहे हैं। जिले में पहली बार 2013 में खजूर की खेती शुरू हुई थी। एक पौधे से 40 किलो से ज्यादा खजूर उत्पादन होता है। रख रखाव सही हो तो इसके पौधे 90 साल तक फल देते हैं।
-डॉ. हेमराज मीना, सहायक निदेशक, उद्यान विभाग, सिरोही
भरत कुमार प्रजापत
Published on:
29 Aug 2023 12:50 pm
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