
दीपावली के अगले दिन मंगलवार को सूर्य ग्रहण होने के कारण 27 साल बाद गोवर्धन पूजा व अन्नकूट की परंपरा नहीं निभाई गई। इससे पूर्व दीपावली पर 24 अक्तूबर 1995 को भी सूर्यग्रहण था। इसलिए इस बार गोवर्धन पूजा, अन्नकूट व भाई दूज बुधवार को मनाए जाएंगे।
शहर के प्रमुख जगदीश मंदिर में सूर्य ग्रहण के कारण अन्नकूट महोत्सव नहीं मनाया गया। पुजारी हुकुमराज ने बताया कि अन्नकूट का आयोजन 29 अक्टूबर को किया जाएगा। हालांकि ग्रहण के दिन मंदिर बंद नहीं रहेगा। वहीं, अस्थल आश्रम मंदिर में 25 को सूर्य ग्रहण के कारण मंदिर के पट बंद रखे जाएंगे। अन्नकूट का आयोजन 27 अक्टूबर को किया जाएगा। इसके अलावा श्रीनाथजी मंदिर उदयपुर ग्रहण के दिन खुला रहेगा। पुजारी कैलाश पुरोहित ने बताया कि इस बार अमावस को सूर्य ग्रहण होने से अन्नकूट महोत्सव अक्षय नवमी को होगा। अष्टमी पर 1 नवंबर को कान जगाई , गोमाता को गोवर्धन पूजा के लिए निमंत्रित किया जाएगा। 2 नवंबर को अन्नकूट महोत्सव आयोजित होगा। गोमाता को गोवर्धन पूजा के लिए सुसज्जित किया जाएगा। गोवर्धन पूजा के बाद गौ क्रीड़ा होगी ।
ये है गोवर्धन पूजा व भाई दूज का मुहूर्त -
26 अक्टूबर को दोपहर 3:35 के बाद द्वितीया तिथि लगेगी। इस त्योहार में भगवान कृष्ण के साथ गोवर्धन पर्वत और गायों की पूजा का विधान है। इसी दिन भगवान कृष्ण को 56 भोग बनाकर लगाया जाता है।
लाभ अमृत : 6:42 से 9:30 तक
शुभ वेला : 10:54 से 12:18 तक लाभ वेला 4:29 से 5:53 तक
रोकड़ मिलान लेखन :
श्री नव कार्य शुभारम्भ हेतु कार्तिक कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा बुधवार तारीख 26-10-2022 को प्रातः 6ः46. से 9ः34 तक लाभ-अमृतवेला दिवा 10ः58 से 12ः00 तक शुभ वेला सोकार रहेगी।
Updated on:
25 Oct 2022 06:00 pm
Published on:
25 Oct 2022 05:54 pm
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