आज ही के दिन 31 अगस्त 1919 को पंजाब में जन्मी अमृता कौर को बचपन
से ही लिखने का शौक था। शुरूआत में उन्हें खुशनुमा कविताएं लिखने के लिए पहचान मिली
लेकिन आजादी मिलने के दौरान हुए बंटवारे ने उन्हें दर्द से भर दिया। बंटवारे के
दौरान हिन्दुओं, सिखों और मुसलमानों के दर्द को लेकर उन्होंने पिंजर उपन्यास लिखा
जिस पर उन्हें सराहना मिली।