सिंध से आया,हिन्द को भाया, विलायत में छाया- हैण्डलूम डे विशेष…
सिंध से आया,हिन्द को भाया, विलायत में छाया- हैण्डलूम डे विशेष
बाड़मेर पत्रिका. भारत-पाक के बंटवारे के साथ सिंध से आया अजरख और हैण्डलूम का कार्य हिन्द को इस कदर भाया है कि अब यह विदेशों तक छाने लगा है। हजारों शरणार्थियों और भारतीय महिलाओं को रोजगार देने के साथ ही उनके हुनर की कद्र होने लगी है। सीमावर्ती क्षेत्र का हैण्डीक्राफ्ट अब जर्मनी, सिंगापुर और विदेशों में फैशन की रैम्प औैर बड़े-बड़े मेलों में आकर्षण बनने लगा है। पाकिस्तानी हैण्डीक्राफ्ट के मुकाबले में उतरे भारतीय हुनर को मार्केट और मंच दोनों मिल रहे है।