
बीजिंग। विश्व स्वास्थ्य संगठन के तंबाकू नियंत्रण फ्रेमवर्क कन्वेंशन (एफसीटीसी) को अपनाने के 20 साल बाद भी चीन सिगरेट का आदी बना हुआ है। यह देश दुनिया में तंबाकू का सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता है। यहां 30 करोड़ से अधिक लोग धूम्रपान करते हैं। दुनिया में हर तीन में से एक सिगरेट चीन में पी जाती है। सस्ती सिगरेट और सार्वजनिक शिक्षा की कमी के कारण यहां धूम्रपान बड़ी समस्या बनी हुई है। वर्षों के धूम्रपान विरोधी अभियानों के बावजूद भी यहां हालात में कोई सुधार नहीं है। लेकिन ऐसी कई वजहें हैं, जो चीन में धूम्रपान की स्थिति को भयावह बना रही हैं।
इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट ने और बढ़ा दी समस्या:
हाल के वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट की आश्चर्यजनक लोकप्रियता के साथ समस्या ने एक नया रूप ले लिया है, जिससे निकोटीन आसानी से उपलब्ध होने लगा है, खासकर युवाओं के लिए भी। 1949 में बीजिंग ने घोषणा की कि तंबाकू फार्म और सिगरेट विनिर्माण को स्थानीय सरकारों की ओर से प्रबंधित किया जाएगा। शुरुआती वर्षों में सिगरेट उन ग्रामीणों और निवासियों को दी जाने वाली 'आवश्यक वस्तुओं' में से एक थी, जो स्थानीय अधिकारियों के साथ पंजीकृत थे। 1980 के दशक तक यहां की बड़ी आबादी के बीच धूम्रपान आम बात हो गई। वर्तमान में तंबाकू उद्योग को राज्य तंबाकू एकाधिकार प्रशासन (एसटीएमए) की ओर से नियंत्रित किया जाता है। यह एक एजेंसी है, जो देशभर के पांच लाख से अधिक लोगों को रोजगार देती है।
मुनाफे के लालच में दायित्वों को भूला प्रशासन:
सिगरेट की डिब्बी को चीन में उपयुक्त व्यावसायिक उपहार माना जाता है। चीन के अधिकांश हिस्सों में बढ़िया वेतन और कर्मचारी लाभ के साथ, तंबाकू उद्योग में काम करना सिविल सेवा के समान ही प्रतिष्ठित माना जाता है। चीन की बड़ी तंबाकू कंपनियां जो मुख्य रूप से राज्य के स्वामित्व वाले उद्यम (एसओई) हैं, नए ग्रेजुएट्स उन्हें काम करने के हिसाब से सबसे अच्छी संस्थाएंमानते हैं। चीन की लगभग 98 प्रतिशत तंबाकू कंपनियां एसओई हैं, यहां अन्य मार्केट प्लेयर्स के लिए बहुत कम गुंजाइश है। मुनाफे के लालच में प्रशासन अपने दायित्वों को भूल गया है। प्रति वर्ष लगभग 2.4 ट्रिलियन सिगरेट का निर्माण करते हुए उद्योग ने 2022 में जो लाभ कमाया, वह एक साल पहले के मुकाबले 12 प्रतिशत अधिक है।
दशक के अंत तक मृत्यु दोगुनी होने की आशंका:
चीन में 50 फीसदी पुरुष धूम्रपान करते हैं। पिछले साल आए एक शोध के अनुसार धूम्रपान से 56 बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है और चीन में हर साल 22 अलग-अलग कारणों से 10 लाख से अधिक वयस्कों की मौत हो जाती है। 2030 तक इस संख्या के दोगुना होने की आशंका है। वैश्विक स्तर पर तंबाकू हर साल 80 लाख से अधिक लोगों की जान लेता है, जिनमें 13 लाख नॉन-स्मोकर्स भी शामिल हैं, जो सेकंड हैंड धुएं के संपर्क में आते हैं। तंबाकू संबंधित रोगों का वैश्विक भार अधिक है। धूम्रपान से जुड़ी कुल आर्थिक लागत वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का 1.8 फीसदी है।
एक्सपर्ट व्यू: चीन में कोई राष्ट्रीय स्तर का धूम्रपान-मुक्त कानून नहीं है। नवंबर, 2014 में डब्ल्यूएचओ एफसीटीसी के तहत अपने दायित्वों को पूरा करने के लिए राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण दिशानिर्देशों पर एक ड्राफ्ट जारी किया गया। 2014 के अंत तक इस पर जनता से सलाह, राय और टिप्पणियों लेनी थी। लेकिन अफसोस यह अभी भी उसी चरण में अटका हुआ है।
- डॉ. शिया वान, पेकिंग यूनियन मेडिकल कॉलेज, बीजिंग
Published on:
07 Sept 2023 11:25 am
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