
भारतीय मूल के किशोर ने बनाया ऐसा मेडिकल डिवाइस जो बिना छुए बता सकता है दिल का हाल
तनिष्क अब्राहम बायो-मेडिकल इंजीनियरिंग (bio medical engineering) ग्रेजुएट बनने वाले सबसे कम उम्र के छात्र हैं। तनिष्क नें कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय (california university ) से स्नातक की उपाधि प्राप्त की है। इतना ही नहीं उन्हें 'सुम्मा कम लाउडे' (summa cum laude) नाम के सर्वश्रेष्ठ आइक्यू लेवल सम्मान से भी नवाजा गया है।
बिना छुए नाप लेगा दिल की धड़कन
तनिष्क ने एक ऐसा उपकरण बनाया है जो किसी जले हुए रोगी के दिल की धड़कन को मापते समय आने वाली जटिलताओं को कम करता है। इस डिवाइस को किसी भी तरह के शारीरिक संपर्क के बिना रोगी के दिल की धड़कन को मापने के लिए डिज़ाइन किया गया है। मूल रूप से केरल के रहने वाले तनिष्क के माता-पिता ताजी अब्राहम और बीजू अब्राहम पशु चिकित्सक और सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं।
कैंसर रोगियों के लिए ढूंढ रहे सस्ता इलाज
विलक्षण प्रतिभा के धनी तनिष्क ने महज पांच साल की उम्र में स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय (stanford university ) की ओर से विशेष विलक्षण प्रतिभा संपन्न लोगों के लिए आयोजित की जाने वाली एज्युकेशन प्रोग्राम फॉर गिफ्टेड यूथ की गणित की परीक्षा को महज 6 महीने की मेहनत में पहली बार में ही पास कर लिया था। उनके शोध विषय में कैंसर रोगियों के लिए ज्यादा प्रभावी और सस्ता इलाज खोजना है। पीएचडी करने के उनके आवेदन को कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय ने मंजूर कर लिया है। उनकी 14 वर्षीय छोटी बहन तिआरा भी 2010 में 4 साल की उम्र में मेंसा नाम की दुनिया की सबसे पुरानी और बड़ी आईक्यू (IQ) सोसायटी की सदस्या बन गई थीं। दोनों भाई-बहन इस सोसायटी में मेंबर बनने वाले सबसे कम उम्र के सदस्य थे।
अमरीका का राष्ट्रपति बनने की चाह
सात साल की उम्र में अमरीका के रिवर कॉलेज से जिओलॉजी (geology) और एस्ट्रोनॉमी (astronomy) में टॉप स्कोरर रहने के साथ ही कॉलेज पास कर लिया था। वे अमरीका के सबसे युवा छात्र हैं जिन्हें ऑन-कैम्पस ग्रेडेड कोर्स में प्रवेश दिया गया था। वे अमरीका का राष्ट्रपति भी बनना चाहते हैं ताकि स्टेम विषयों (stem subjects) में देश के युवाओं को आगे ला सकें। वे अल्बर्ट आइंस्टीन (albert einstein) को अपना आदर्श मानते हैं।
Published on:
07 Jan 2020 08:19 pm
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