महरून्निसा को अपने काम से कोई शिकायत नहीं, सिर्फ इतना मलाल होता है कि ईद के पाक महीने में उसे रात की शिफ्ट करनी पड़ती है और परिवार की मायूसी उससे देखते नहीं बनती। वे कहती हैं, ' क्या फर्क पड़ता है। अम्मी और अब्बा को मुझपर यकीन तो है और मैं कुछ गलत भी तो नहीं कर रही।' महरून्निसा की राह पर उसकी छोटी बहन तरन्नुम (27) भी चल पड़ी हैं।