
कोरोना से बचाव
वाराणसी. कोरोना संक्रमण अब कम्यूनिटी स्प्रेड का स्वरूप ग्रहण कर चुका है। ये ऐसे नहीं हुआ है। इसके लिए आम नागरिक खुद जिम्मेदार हैं। लाख चेताने के बाद भी सड़क हो या अस्पताल अनावश्यक भीड़ जुटाने से ही ये तेजी से फैल रहा है। इससे बचाव का एक ही उपाय है, बिना वाजिब कारण घरों से न निकलें, बाहर निकलना जरूरी हो तो चेहरे पर मास्क जरूर लगाएं और कहीं भीड़ में न जाएं। कोरोना संक्रमण से बहुत जल्द निजात मिलने वाली है अधिकतम छह माह में सामान्य स्थिति आने की उम्मीद है> ऐसे में फिलहाल घबराएं नहीं, सतर्क रहें और गाइडलाइन का पालन करें। ये है विशेषज्ञ चिकित्सकों का कहना जो उन्होंने पत्रिका संग साझा किए।
नए साल के जश्न से कम्यूनिटी स्प्रेड
वाराणसी में नए साल के पहले दिन से जिस तरह से लोग सड़कों पर उतरे और लाखों की तादाद में दर्शन-पूजन के लिए विश्वनाथ धाम सहित अन्य मंदिरों में पहुंचे, गंगा घाट हो या गंगा पार रेत में समूह में जश्न मनाया उसका ही नतीजा है कि वाराणसी में कोरोना संक्रमण कम्यूनिटी स्प्रेड का रूप लिया। बता दें कि नए साल के पहले दिन सिर्फ श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचने वालों की संख्या पांच लाख से ज्यादा रही। संभव है कि इस भीड़ में बाहरी लोग भी हों पर इतनी बड़ी तादाद में भीड़ का सड़क पर होना, एक दूसरे संग धक्कामुक्की करते चलना संक्रमण को दावत दे गया। इसके अलावा होटलों व क्लबों में हुई पार्टियां भी कम जिम्मेदार नहीं।
कोरोना का संक्रमण तेज पर तीव्रता कमः डॉ चौधरी
वाराणसी के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ संदीप चौधरी ने पत्रिका संग बातचीत में बताया कि कोरोना संक्रमण तेज जरूर हुआ है लेकिन जो भी मरीज संक्रमित पाए जा रहे हैं, उनमें पिछले अप्रैल जैसी यानी कोरोना की दूसरी लहर जैसी तीव्रता नहीं हैं। ज्यादातर मरीज होम आइसोलेशन में हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की भी जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि अभी तक बनारस में भले ही सवा चार सौ के पास संक्रमितों की संख्या पहुंच गई है पर किसी को ऑक्सीजन की कमी महसूस नहीं हो रही है।
लक्षण व सुझाव
दो-चार दिन तेज बुखार, काम में थकावट, बदन दर्द व सिर दर्द है। ये ऐसे लक्षण हैं जिनसे कोरोना की पहचान की जा सकती है। ये जल्द ही ठीक भी हो रहा है। बस एहतियात बरतने की जरूरत है। लोगों से अपील है कि वो घबराएं नहीं, बस कोरोना गाइडलाइन का पालन करें। घरों से बिना कारण बाहर न निकलें। बहुत जरूरी हो तो डबल मास्क के साथ बाहर निकलें और भीड़ से बचने की कोशिश करें।
जनता खुद जिम्मेदारः डॉ केके गुप्ता
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के सर सुंदरलाल चिकित्सालय के एमएस प्रो केक गुप्ता ने पत्रिका को बताया कि कोरोना के कम्यूनिटी स्प्रेड के लिए आमजन ही जिम्मेदार है। डॉक्टर हों या प्रशासनिक अफसर लगातार ये समझान की कोशिश कर रहे हैं कि कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करें पर कोई मानने को तैयार नहीं। प्रो गुप्ता बीएचयू अस्पताल का उदाहरण पेश करते हुए बताते हैं कि यहां रोजाना 6000 मरीज ओपीडी में आते हैं, उनके साथ न्यूनतम एक तीमारदार होता है। ऐसे में एक स्थान पर प्रतिदिन 12 से 15 हजार की भीड़ इकट्टी हो रही है। ऐसे में डॉक्टर, नर्स, वार्ड ब्वाय, पैरामेडिकल स्टॉफ के भी संक्रमित होने की आशंका बराबर बन रही है।
कोरोना संक्रमण चंद दिनों का मेहमान
प्रो गुप्ता का कहना है कि कोरोना का जो वर्तमान स्वरूप है वो कोरोना के खात्मे का संदेश दे रहा है। अधिकतम छह महीने में कोरोना का खतरा समाप्त हो सकता है। बस मौजूदा समय में थोड़ी सी सावधानी से हम सब सुरक्षित रह सकते हैं। इसका नया वैरिएंट ओमीक्रोन तेजी से फैल जरूर रहा है पर उसकी तीव्रता नहीं रही। वैसे भी किसी भी महामारी के साथ ऐसा ही होता है।
मास्क व सेनेटाइजेशन जरूरी
बीएचयू के एमआरयू लैब प्रभारी प्रो रॉयना सिंह ने बताया कि छोटे-छोटे पार्टिकिल्स हैं जो छींक या खांसी से कही भी जमा हो जाते हैं और काफी समय तक वहीं रहते हैं। ऐसे में बाहर की किसी भी चीज को स्पर्श करने से ये हाथ में पहुंचते है और चेहरे पर हाथ जाने से ये शरीर में प्रवेश करते हैं। लिहाजा कुछ भी छूने से बचें। थोड़ी-थोड़ी देर पर हाथ सेनेटाइज करते रहे हैं। कहा कि चूंकि ये वायरस नाक से ही शरीर में प्रवेश करता है और फेफड़े तक पहुंचता है तो चेहरे पर इस तरह से मास्क लगाएं कि नाक व मुख दोनों ढक जाए। एन 95 व 3 एम वाले मास्क का प्रयोग करें।
ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं, पतली खिचड़ी खाएं और आराम करें
प्रो सिंह ने बताया कि मौजूदा समय में कोरोना से संक्रमित होने पर डॉक्टर की सलाह पर दवा लें। ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं, पतली खिचड़ी खाएं और ज्यादा से ज्यादा यानी 18 घंटे आराम करें।
10 जनवरी से बूस्टर डोज
प्रो सिंह ने बताया कि सबसे जरूरी है टीकाकरण, दोनों डोज लें। दोनों डोज ले चुके हैं तो 10 जनवरी से शुरू हो रहे बूस्टर डोज लें।
बीएचयू में कोरोना से बचाव के इंतजाम
-कुल 288 बेड
-235 सुपर स्पेसियालिटी ब्लाक में
-85 बेड वयस्कों के लिए आरक्षित (पांचवें-छठें तल पर)
-चौथे तल पर एसडीओ
-30 बेड बच्चों के लिए आरक्षित
-कुल 125 से ज्यादा वेंटिलेटरयुक्त बेड
-हर बेड पर ऑक्सीजन का इंतजाम
जिला स्तर पर इंतजाम
-कोरोना जांच को स्टैटिक बूथ चालू
-मेरा कोविड केंद्र एप लांच
-सीएचसी-पीएचसी तैयार
-जिला व मंडलीय अस्पताल में पूरी तैयारी
Published on:
07 Jan 2022 02:07 pm
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