
अलवर के अलावड़ा कस्बा से माणकी रोड पर सड़क किनारे अज्ञात नीम-हकीम द्वारा एक्सपायरी डेट की दवाइयां और चिकित्सा वेस्टेज जैसे सीरिंज, शीशियां, निडिल, ग्लूकोज की बोतलें और अन्य डिस्पोज़ल सामग्री खुले में फेंक दी गई हैं। यह स्थिति बच्चों के खेलने या किसी अन्य उपयोग में आने के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही है। किसी भी गलत उपयोग से बच्चों को गंभीर चोट या संक्रमण हो सकता है, वहीं जानवरों द्वारा दवाइयों या शीशियों के इस्तेमाल से उनकी मौत तक हो सकती है।
स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन के अनुसार चिकित्सक किसी भी तरह की वेस्टेज सामग्री को खुले में नहीं फेंक सकते। इसे गहरा गड्ढा खोदकर सुरक्षित रूप से दबाना अनिवार्य है। हालांकि, क्षेत्र में नीम-हकीम अपने इलाज से मोटी कमाई कर रहे हैं, लेकिन दवाइयों और इस्तेमाल की सामग्री के सुरक्षित निस्तारण में लापरवाही बरत रहे हैं।
इस मामले में ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित राठौड़ और सीएमएचओ डॉ. योगेन्द्र शर्मा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं किया गया। उपखंड अधिकारी से भी बात नहीं हो पाई। लोगों में प्रशासनिक कार्रवाई की मांग बढ़ रही है ताकि इस खतरे से बचा जा सके।
Published on:
07 Jan 2026 01:03 pm
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