
अब तक जमीन के सौदे तो होते सुना था, लेकिन अब गांधीनगर जिले की देहगाम तहसील के जूना पहाडि़या गांव का ही सौदा हो गया। मौजूदा समय में इस गांव का मामला गुजरात में चर्चा का विषय बना है। हालांकि एक बार तो विश्वास करने में भी अचरज लगेगा, लेकिन यह सच है कि करीब 600 बस्ती वाले जूना पहाड़िया पूरा गांव ही अवैध तरीके से बेच दिया गया है।
दरअसल, जूना पहाड़िया सुजाना मुवाड़ा ग्राम पंचायत में हैं जिसे अवैध तरीके से बेचने की साजिश रची गई है। ग्रामीणों ने देहगाम के तहसीलदार को इस मामले में ज्ञापन भी सौंपा है। जिस सर्वे नंबर में गांव बसा है, उसकी गलत एंट्री से 50 से अधिक वर्षों से बसे ग्रामीणों में खलबली मची है। जूना पहाड़िया गांव के ब्लॉक सर्वे नंबर 142 (पुराना सर्वे नंबर 6) के ए.आर. क्षेत्रफल 1-45-97 वाली जमीन को वर्ष 1982, 1987 और 2003 में स्टाम्प पेपर पर साधारण लिखावट की गई थी। 50 रुपए के स्टाम्प पेपर पर अनुबंधित कर वर्तमान में रहने वालों को बेच गया था। इस सर्वे नंबर पर ही पूरा गांव बसा हुआ है जिसे जूना पहाड़िया के नाम से जाना जाता है। ग्रामीणों की संपत्ति का भी आंकलन किया गया है। यहां पानी का बोर भी ग्राम पंचायत ने बनवाया है। पटवारी और सरपंच ने ग्रामीणों को प्रमाण पत्र भी दिए हैं। ग्रामीण मकानों का कर भी जमा कराते हैं।
इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने तहसीलदार कार्यालय में ज्ञापन देकर दिया है और फर्जी दस्तावेज को रद्द करने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि किसी ने फर्जी फोटो, नक्शे के जरिए अधिकारियों की मिलीभगत से यह दस्तावेज तैयार करवाया है।
ग्राम सरपंच सेजलबेन ने इस मामले को लेकर अनभिज्ञता जताई है। वे कहती हैं कि गांव में सड़क, पानी समेत सभी सुविधाएं दी गई है। ग्रामीणों का भी आरोप लगाया जो जमीन दिखाई गई होगी उसमें मकानों का उल्लेख नहीं किया फोटो में खुली जगह दिखाई गई है वह दूसरी जगह की है।
Updated on:
13 Jul 2024 08:55 pm
Published on:
13 Jul 2024 08:52 pm
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