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गूगल डूडल पर आज छाया ‘गूगल’-google doodle

गूगल डूडल पर आज छाया 'गूगल'

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जयपुर

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Tasneem Khan

Sep 27, 2019

गूगल डूडल पर आज छाया 'गूगल'

गूगल डूडल पर आज छाया 'गूगल'

जयपुर। पढ़ाई से लेकर बिजनेस और खान—पान से लेकर साइंस तक की किसी भी सवाल में अटके तो सामने से जवाब एक ही आता है। गूगल करो। यह ऐसा शब्द बन गया है कि दुनियाभर में अपनी—अपनी भाषाओं में बोला जाता है। इतिहास से वर्तमान तक किसी भी भाषा में कुछ भी जान लेना है तो 'गूगल करो' आपने अपने लिए भी कई बार सुना होगा। इसी गूगल का आज जन्मदिन है। पूरे 21 साल का हो गया। 27 सिंतबर 1998 को औपचारिक तौर पर कंपनी के रूप में आपके अपने इस गूगल को रजिस्टर्ड करवाया गया था। वहीं गूगल जो आज हर किसी की जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है। तो आज गूगल के बारे में जानते हैं।

— दुनियाभर के हर खास शख्स का जन्मदिन हो या फिर कोई खास दिन, गूगल का डूडल जरूर उसी पर दिखाई देता है तो आज गूगल ने अपनी पिछले 20 साल की यात्रा को दिखाते हुए अपना ही डूडल बनाया है। इसमें गुजरे जमाने का पीसी है और गूगल का पुराना पेज। उसे पर उसकी शुरुआत की तारीख की अंकित है।
— दुनियाभर में गूगल ऐसी सबसे बड़ी कंपनी है, जो मल्टी वेब सर्विसेज प्रदान करती हैं।
— इसके रजिस्ट्रेशन से पहले इस पर स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी के तीन स्टूडेंट्स ने रिसर्च की थी। 1996 में लैरी पेज, सर्गे ब्रिन और स्कॉट हसन ने इसे शुरु करने की योजना बनाई थी। स्कॉट इस रिसर्च प्रोजोक्ट के ओरिजिनल लीड प्रोग्रामर थे। इसकी औपचारिक शुरुआत के ठीक पहले स्कॉट ने इसे छोड़ दिया, क्योंकि वे स्पेस रिसर्च में अपना कॅरियर बनाना चाहते थे। इसीलिए लैरी पेज और सर्गे ब्रिन को इसका फाउंडर माना जाता है।
— इन दोनों को लार्ज स्केल स्केल सर्च इंजन बनाने का आइडिया आया था। उस आइडिया की देन है कि इंटरनेट सर्च इंजन के तौर पर आज गूगल सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म है।
— लैरी पेज और सर्गे ब्रिन Google.stanford.edu एड्रेस पर इंटरनेट सर्च इंजन बनाया था, जिसका नाम बैकरब रखा गया और बाद में इसे बदलकर गूगल कर दिया गया
— आप सोच रहे होंगे कि इस सर्च इंजन का नाम गूगल ही क्यों रखा गया। तो लैरी और सर्गे का कहना है थ्क इस सर्च इंजन का नाम गूगल इसलिए रखा गया क्योंकि गूगल की स्पेलिंग 10100 के करीब है। ये स्पेलिंग और संख्या लार्ज स्केल सर्च इंजन के उद्देश्य को पूरा करती है।
— आज गूगल 100 भाषाओं में ऑपरेट किया जा रहा है। इन 100 भाषाओं में आप गूगल पर सर्च कर सकते हैं। आपको बता दें कि अक्टूबर 2016 तक गूगल के 40 देशों में 70 ऑफिस शुरू हो चुके थे।
— एप्पल, अमेजन, फेसबुक के साथ गूगल चार बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों में शुमार है। यही नहीं अब गूगल शब्द मैरियम वेबस्टर कोलेजिएट डिक्शनरी और ऑक्सफोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी में शामिल है। पिछले साल गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट की अनुमानित कीमत 137 बिलियन डॉलर थी।
— एक रिसर्च के मुताबिक गूगल डॉट काम दुनिया में सबसे ज्यादा काम में ली जाने वाली वेबसाइट है।
— भारतीय मूल के सुंदर पिचाई 2015 से गूगल के सीईओ हैं।
— चेन्नई में पले बढ़े संदर पिचाई ने 2004 में गूगल जॉइन किया था।
— उनकी सालाना सैलेरी करीब 3 हजार 337 करोड़ रुपये है।