
चेन्नई. डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें उनके नाम के कारण चर्च पार्क स्कूल में पढऩे का मौका नहीं मिला। उन्होंने बताया कि सोवियत नेता जोसफ स्टालिन के नाम पर उनका नाम स्टालिन रखा गया था लेकिन उन दिनों उनका काफी विरोध चलने के कारण उन्हें स्कूल में दाखिला नहीं दिया गया।
तुरैयुर से डीएमके विधायक एस. स्टालिन कुमार के विवाह के मौके पर डीएमके अध्यक्ष ने बताया कि उनका जन्म १ मार्च १९५३ को हुआ था और इसी साल 5 मार्च को जोसफ स्टालिन की मृत्यु हुई थी। इसी से प्रभावित होकर उनके पिता एम. करुणानिधि ने उनका नाम स्टालिन रखा था। उन्होंने बताया कि उनके चाचा मुरसोली मारन जब उन्हें और उनकी बहन सेल्वी को लेकर उनका दाखिला कराने चर्च पार्क कानवेंट स्कूल पहुंचे तो स्कूल की प्रिंसिपल ने उनका नाम सुनते ही कहा कि रूस में जोसफ स्टालिन का काफी विरोध हो रहा है ऐसे में अगर उनका नाम बदल दिया जाय तो उन्हें तुरंत दाखिला मिल सकता है। चाचा ने जब यह बात पिता जी को बताई तो वे नाम बदलने की जगह स्कूल बदलने में अधिक रूचि लने लगे। स्टालिन ने बतया कि उनके नाम के कारण उनकी बहन को भी उस स्कूल में पढऩे का मौका नहीं मिल सका। उन्होंने आगे कहा कि बाद में भी कई लोगों ने उनके पिता को उनका नाम बदलकर कोई तमिल नाम रखने का सुझाव दिया लेकिन वे राजी नहीं हुए।
Published on:
10 Nov 2018 02:49 pm
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