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भारतीय उपभोक्ता बाजार 2027 तक दुनिया का तीसरा बड़ा मार्केट बनने के लिए तैयार

देश वर्तमान में पांचवें स्थान पर है, लेकिन वास्तविक घरेलू खर्च में 29 फीसदी की वृद्धि से भारत दो स्थान ऊपर पहुंच जाएगा। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि भारत के प्रति व्यक्ति घरेलू खर्च में बढ़ोतरी इंडोनेशिया, फिलीपींस और थाईलैंड जैसी अन्य विकासशील एशियाई अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में सालाना 7.8 फीसदी अधिक होगी।

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जयपुर

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Kiran Kaur

Sep 08, 2023

भारतीय उपभोक्ता बाजार 2027 तक दुनिया का तीसरा बड़ा मार्केट बनने के लिए तैयार

भारतीय उपभोक्ता बाजार 2027 तक दुनिया का तीसरा बड़ा मार्केट बनने के लिए तैयार

नई दिल्ली। भारत पिछले कुछ दशकों में लगातार वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी जगह बना रहा है। देश की तरक्की के महत्त्वपूर्ण पहलुओं में से एक इसका बढ़ता उपभोक्ता बाजार है। बीएमआई रिसर्च की नई रिपोर्ट में पाया गया है कि मध्यम से उच्च आय वाले परिवारों की संख्या बढ़ने से भारत का कन्ज्यूमर मार्केट अमरीका और चीन के बाद 2027 तक दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बाजार बन जाएगा। देश वर्तमान में पांचवें स्थान पर है, लेकिन वास्तविक घरेलू खर्च में 29 फीसदी की वृद्धि से भारत दो स्थान ऊपर पहुंच जाएगा। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि भारत के प्रति व्यक्ति घरेलू खर्च में बढ़ोतरी इंडोनेशिया, फिलीपींस और थाईलैंड जैसी अन्य विकासशील एशियाई अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में सालाना 7.8 फीसदी अधिक होगी।

नई दिल्ली, मुंबई और बेंगलूरु निभाएंगे बड़ी भूमिका:

रिपोर्ट के अनुसार भारत का घरेलू खर्च तीन ट्रिलियन डॉलर से अधिक हो जाएगा क्योंकि 2027 तक डिस्पोजेबल इन्कम (वह धनराशि जिसे किसी व्यक्ति या परिवार को आयकर में कटौती के बाद खर्च या बचाना होता है) में सालाना 14.6 फीसदी की वृद्धि होगी। इस समय सीमा तक अनुमानित 25 फीसदी से ज्यादा भारतीय परिवारों की वार्षिक डिस्पोजेबल इन्कम 10,000 डॉलर तक होने की संभावना है। इनमें अधिकांश परिवार नई दिल्ली, मुंबई और बेंगलूरु जैसे आर्थिक केंद्रों में रह रहे होंगे। भारत में आर्थिक रूप से संपन्न परिवार मुख्य रूप से शहरी क्षेत्रों के निवासी हैं, जिससे खुदरा विक्रेताओं के लिए अपने प्रमुख बाजारों को लक्षित करना आसान हो जाता है। वर्तमान में उपभोक्ता उद्योग की भारत की अर्थव्यवस्था में 60 फीसदी की हिस्सेदारी है।

युवा आबादी उपभोक्ता खर्च में कर रही बढ़ोतरी:

भारत की बड़ी युवा आबादी भी उपभोक्ता खर्च को बढ़ाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है। देश की लगभग एक तिहाई आबादी 20-33 वर्ष के आयु वर्ग में आती है। आने वाले समय में यह समूह इलेक्ट्रॉनिक्स और तकनीक पर बड़ा खर्च करेगा। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि कम्युनिकेशन पर खर्च औसतन 11.1 फीसदी की दर से सालाना बढ़कर 2027 तक 76.2 अरब डॉलर हो जाएगा। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि तकनीक को जानने वाले और शहरी मध्यम वर्ग के पास डिस्पोजेबल आय बढ़ रही है, जो उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे उत्पादों पर खर्च को काफी ज्यादा प्रोत्साहित करेगी। देश में चल रहे शहरीकरण से उपभोक्ता खर्च को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी क्योंकि कंपनियां उपभोक्ताओं तक आसानी से पहुंच सकेंगी। उपभोक्ताओं की जरूरतों को पूरा करने के लिए कंपनियां अधिक फिजिकल रिटेल स्टोर खोलेंगी।

मॉल व्यवसाय में दिलचस्पी ले रहे विदेशी निवेशक:

करोड़ों स्मार्टफोन यूजर्स, किफायती मोबाइल डेटा और लगातार बढ़ते इंटरनेट के साथ कंपनियां तेजी से छोटे शहरों में भी उपभोक्ताओं को ऑनलाइन आकर्षित कर रही हैं। इससे भारत के लिए दीर्घकालिक विकास की संभावनाएं मजबूत बनी हुई हैं। उपभोक्ता बाजार में इस बदलाव ने दुनियाभर के अर्थशास्त्रियों, निवेशकों और व्यवसायों का ध्यान आकर्षित किया है। कन्ज्यूमर मार्केट के प्रमुख वैश्विक खिलाड़ियों ने पहले ही इस क्षमता को पहचानते हुए रणनीतिक रूप से भारत के प्रमुख शहरों में व्यापक स्तर पर अपना विस्तार करना शुरू कर दिया है। देश के उपभोक्ता खर्च में प्रभावशाली वृद्धि देखते हुए विदेशी निवेशक शॉपिंग मॉल व्यवसाय में अधिक रुचि लेने लगे हैं।