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अजब गजब कानून: 10 रुपए से अधिक कीमत तो राजस्व अधिकारी को जमा कराते थे वस्तु

भारत में पाए जाने वाले खजाने से संबंधित कानून है, जिसमें "मिट्टी में छिपे किसी भी ख़ज़ाने" और 10 रुपये से ज़्यादा (16 सेंट, 10 पेंस) कीमत की चीज़ को खज़ाना मानते थे और उसे राजस्व अधिकारी के पास जमा करना पड़ता था।

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जयपुर

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Mohmad Imran

Oct 14, 2020

अजब गजब कानून: 10 रुपए से अधिक कीमत तो राजस्व अधिकारी को जमा कराते थे वस्तु

अजब गजब कानून: 10 रुपए से अधिक कीमत तो राजस्व अधिकारी को जमा कराते थे वस्तु

हमारे देश में आज भी ऐसे पुराने कानून प्रचलित हैं जिन्हें खत्म करने की जरुरत है। ये कानून न केवल आज के संदर्भ में अजीब हैं बल्कि अब इनका कोई औचित्य भी नहीं रह गया है। बीते कुछ सालों में केन्द्र सरकार ऐसे करीब 1200 एक्ट खत्म कर चुकी है। ऐसा ही एक कानून है 'इंडियन ट्रेजर ट्रोव एक्ट 1878' (Indian Treasure Trove Act, 1878)। इस कानून के तहत किसी के पास कोई भी ऐसी चीज मिलती है जिसकी कीमत करीब 10 रुपये से ज्यादा है तो वह चीज राजस्व अधिकारी के पास जमा करानी चाहिए। अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो वह अपराध की श्रेणी में आता है। उस व्यक्ति को जेल की सजा भी हो सकती है।

1824 कानूनों पर पुनर्विचार
केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद का कहना है कि सरकार ने अब तक ऐसे करीब 1200 कानूनों को खत्म कर दिया है जो प्रशासनिक कार्यवाईयों में बाधक बन रहे थे। इनके अलावा 1824 कानूनों को पुर्नविचार के लिए भी चिन्हित किया गया है। वहीं 2014 से पहले पिछली सरकारों में सिर्फ 1301 अनुपयोगी कानूनों को निरस्त किया था।

ये कानून भी अजीबो गरीब
देश के अजीब और पुरातन कानूनों में इंडियन मोटर व्हीकल एक्ट 1914 भी बड़ा ही विचित्र कानून है। इसके तहत आंध्र प्रदेश में एक इंस्पेक्टर के दांत दूध के जैसे न चमकने, उसकी छाती सिकुड़ी होने व घुटने सटे होने और पंजे हथौड़े जैसे होने पर उसे अनफिट करार दिया जा सकता है। देश में एक 200 साल पुराना कानून भी काफी हैरान करने वाला रहा। देश में एक समय ऐसा भी था जब ब्रिटेन के सम्राट को भारत की सभी अदालतों के फैसलों की समीक्षा करने का अधिकार होता था। हालांकि ऐसे कानून समय के साथ चलन से बाहर हो चुके हैं।