15 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

हमारी राष्ट्रीय अस्मिता और संस्कृति की पहचान है खादी, प्रमोट करने ने सरकार ने बढ़ाए कदम

संभागीय मुख्यालय में खादी ग्रामोद्योग एम्पोरियम का संचालन, भोपाल व रतलाम से आ रहे खादी के कपड़े

2 min read
Google source verification

शहडोल. खादी हमारी राष्ट्रीय अस्मिता और संस्कृति की पहचान रही है। खादी को सादा व श्रेष्ठ पहनावा माना जाता रहा है और इससे ही हमारी पहचान रही है। इसे प्रमोट करने के लिए सरकार ने भी प्रयास तेज किए हैं। संभागीय मुख्यालय में खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग ने खादी को जन-जन तक पहुंचाने के लिए खादी ग्रामोद्योग एम्पोरियम का संचालन प्रारंभ किया है। इसके पूर्व से खादी ग्रामोद्योग विभाग का कोई विक्रय केंद्र नहीं था। खादी एवं ग्रामोद्योग एम्पोरियम के संचालन से खादी के कपड़ों के साथ ही अन्य सामग्री भी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। लोगों की आवश्यकता के अनुसार खादी की सामग्री उपलब्ध हो इसके भी प्रयास किए जा रहे हैं।

धीरे-धीरे डिमांड, पुराने लोग ही अपना रहे
वर्तमान में खादी की पहचान फीकी पड़ती जा रही है। खादी से निर्मित कपड़ों और वस्तुओं की डिमांड कम होती जा रही है। युवा पीढ़ी तो इससे बिल्कुल दूर है। पुराने लोग ही खादी का उपयोग करते नजर आते हैं। इसका एक प्रमुख कारण खादी के कपड़ों के दाम को भी माना जा रहा है। जानकारों की माने तो अन्य कपड़ो की तुलना में इसकी कीमत ज्यादा होती है साथ ही इनका केयर भी बहुत करना पड़ता है।

भोपाल व रतलाम से मंगा रहे सामग्री
संभागीय मुख्यालय में खादी एवं ग्रामोद्योग एम्पोरियम में खादी के कपड़ो के साथ ही अन्य सामग्री आसानी से उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके प्रचार प्रसार के प्रयास भी किए जा रहे हैं, जिससे कि लोगों की पहुंच यहां तक हो सके। भोपाल व रतलाम से सामग्री मंगाई जा रही है। यहां पॉली खादी, मस्कलीन, उपकार खादी के कपड़ों के साथ ही 15 अगस्त को देखते हुए झंडे व विंध्या वैली के दैनिक उपयोग की सामग्री भी उपलब्ध है। इसके अलावा खादी के कंबल, साडिय़ां सहित अन्य सामग्री की डिमांड भेजी गई है।

39 वर्ष से संचालित कर रहे दुकान
नगर के गांधी स्टेडियम मार्ग में लगभग 39 वर्ष से खादी के वस्त्रों की दुकान का संचालन किया जा रहा है। दुकान संचालक संतोष शुक्ला ने बताया कि लगभग 19 वर्ष तक उनकी दुकान आहूजा मार्केट में थी। इसके बाद लगभग 20 वर्ष से स्टेडियम रोड में इसका संचालन कर रहे हैं। पुराने लोग आज भी खादी के पकड़ों की मांग करते हैं। उनकी पसंद मोटा खादी करघे वाली की ज्यादा होती है। खादी की सभी सामग्री उनके यहां मधुबनी विहार और उत्तरांचल से आती है।

गांधी जयंती के अवसर पर विशेष छूट
खादी एवं ग्रामोद्योग एम्पोरियम का संचालन कर रही अनीता राडे ने बताया कि गांधी जयंती के अवसर पर खादी के वस्त्रों में विशेष छूट का प्रावधान रहता है। खादी के पकड़ों व अन्य सामग्री की खरीदी पर 20-25 प्रतिशत तक की छूट दी जाती है। एम्पोरियम का ज्यादा से ज्यादा प्रचार प्रसार हो इसके प्रयास किए जा रहे हैं।