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#karsakam: जानें दुनिया के सबसे बड़े संविधान के बारे में

संविधान सभा के हस्तलिखित दस्तावेजों पर 284 सदस्यों ने 24 जनवरी, 1950 को दस्तखत किए।

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नई दिल्ली : भारत शुक्रवार को ६९वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। आज ही के दिन 1950 में सुबह 10 बजकर 18 मिनट पर देश का संविधान लागू हुआ था। आइए आज हम जानते हैं अपने संविधान के बारे में कुछ खास बातें। जैसे इसकी विशेषता क्या है और दूसरे देशों से यह अलग कैसे है आदि।

कहां-कौन सर्वोच्च
ब्रिटिश संसदीय प्रणाली में संसद को सर्वोच्च तथा प्रभुतासंपन्न माना गया है। इसकी शक्तियों पर सिद्धांत के रूप में कोई अवरोध नहीं है, क्योंकि वहां पर कोई लिखित संविधान नहीं है। लेकिन अगर अमरीका की बात करें तो वहां सुप्रीम कोर्ट सर्वोच्च है क्योंकि उसे न्यायिक पुनरीक्षण तथा संविधान के निर्वचन की शक्ति प्रदान की गई है। भारतीय संविधान की एक विशेषता यह है कि इसने संविधान में ब्रिटेन की संसदीय प्रभुसत्ता तथा संयुक्त राज्य अमरीका की न्यायिक सर्वोच्चता के बीच का रास्ता अपनाया है। यानी भारतीय संसद और सुप्रीम कोर्ट दोनों अपने-अपने क्षेत्र में सर्वोच्च हैं। जहां सुप्रीम कोर्ट संसद की ओर से पारित किसी कानून को संविधान का उल्लंघन बताकर संसद के अधिकार से बाहर, अवैध और अमान्य घोषित कर सकता है, वहीं संसद के कतिपय प्रतिबंधों के अधीन रहते हुए संविधान के अधिकतर भागों में संशोधन कर सकता है।

कठोर और लचीला भी
भारतीय संविधान अमरीका, फ्रांस, जापान और स्विट्जरलैंड की तरह न तो बहुत कठोर है, न ही ब्रिटेन तथा इजरायल की तरह बहुत लचीला। जहां अमरीका के संविधान में पिछले 225 साल में मात्र 27 संशोधन तथा ऑस्ट्रेलिया के संविधान में 110 वर्षों में मात्र 8 संशोधन किए गए हैं, वहीं भारत के संविधान में 1950 से लेकर 2017 तक 122 संविधान संशोधन किए जा चुके हैं।

सबसे लंबा लिखित संविधान
भारतीय संविधान विश्व का सबसे लंबा लिखित संविधान है। मूल संविधान में कुल 395 अनुच्छेद थे। बाद में 444 अनुच्छेद और 12 अनुसूचियां हो गईं। वहीं, अमरीकी संविधान में केवल 7 अनुच्छेद, कनाडा के संविधान में 147, ऑस्ट्रेलिया के संविधान में 128, दक्षिण अफ्रीका के संविधान में 253, स्विट्जरलैंड के संविधान में 123 और जापान के संविधान में 103 अनुच्छेद हैं।

किस देश के संविधन में कितने शब्द?
अमरीका के संविधान में लगभग 4500 शब्द हैं, वहीं भारतीय संविधान में कुल 1,17,369 शब्द शामिल हैं।

किस देश से क्या लिया गया?
1935 का भारत शासन अधिनियम : संघ तथा राज्यों के बीच शक्तियों का विभाजन, राष्ट्रपति की आपातकालीन शक्तियां, अल्पसंख्यक वर्गों के हितों की रक्षा, सुप्रीम कोर्ट के निचले स्तर के न्यायालयों पर नियंत्रण, केंद्रीय शासन का राज्य के शासन में हस्तक्षेप, व्यवस्थापिका के दो सदन।
ब्रिटेन : संसदीय व्यवस्था, सामूहिक उत्तरदायित्व का सिद्धांत, संसदीय विशेषाधिकार, एकल नागरिकता, विधायिका के अध्यक्ष का पद, नाम मात्र तथा वास्तविक कार्यपालिका, विधि निर्माण प्रक्रिया, द्विसदनात्मक प्रणाली, दैहिक स्वतंत्रता का सिद्धांत, बंदी प्रत्यक्षीकरण के लिए न्यायिक रिट का प्रावधान।
अमरीका : संघीय व्यवस्था, उपराष्ट्रपति का पद, न्यायिक पुनरावलोकन, स्वतंत्र न्यायपालिका, संविधान की सर्वोच्चता, राष्ट्रपति पर महाभियोग की प्रक्रिया।
आयरलैंड : नीति निदेशक तत्व, राष्ट्रपति के निर्वाचन में निर्वाचक मंडल की व्यवस्था, राज्यसभा में कला, साहित्य, विज्ञान और समाज सेवा आदि से संबंधित विशिष्ट व्यक्तियों के मनोनयन की प्रणाली।
कनाडा : सशक्त केंद्र के साथ संघीय व्यवस्था, शक्तियों का वितरण तथा अवशिष्ट शक्तियों का केंद्र को हस्तांतरण, राज्यों में राज्यपाल की केंद्र द्वारा नियुक्ति।
जर्मनी : आपात उपबंध
रूस : मूल कर्तव्य, प्रस्तावना में न्यायिक आदर्श।
फ्रांस : निर्वाचित राष्ट्रपति का प्रावधान, गणतंत्र व्यवस्था, स्वतंत्रता, समानता एवं बंधुत्व का सिद्धांत।
जापान : विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया
ऑस्ट्रेलिया : संविधान की प्रस्तावना में निहित भावनाएं, समवर्ती सूची, व्यापार एवं वाणिज्य संबंधी प्रावधान।
दक्षिण अफ्रीका : संविधान संशोधन प्रक्रिया, उच्च सदन के सदस्यों का निर्वाचन

संविधान से संबंधित कुछ अहम तथ्य
26 नवंबर, 1949 को अंगीकृत किया गया
26 जनवरी, 1950 को लागू किया गया
284 संविधान सभा के सदस्यों ने किए दस्तखत
22 भाग
12 अनुसूचियां
05 परिशिष्ट
122 संशोधन 2017 तक

बनाने का इतिहास
389 सदस्यीय संविधान सभा
2 वर्ष, 11 माह 18 दिन
165 सत्र आयोजित हुए
114 दिन इनमें से संविधान के प्रस्ताव पर विचार
29 अगस्त, 1947 को संविधान सभा ने डॉ. बीआर अंबेडकर की अध्यक्षता में ड्रॉफ्टिंग कमेटी गठित की गई।
7,635 संशोधन रखे गए
2,473 संशोधनों पर सहमति बनी
संविधान सभा के दो दिन के लिए अस्थायी अध्यक्ष बने डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा। उसके बाद डॉ. राजेंद्र प्रसाद को सभा का अध्यक्ष चुना गया।
9 दिसंबर, 1946 को पहली बार संविधान सभा के लोग मिले।
बीएन राव को संविधान सभा का संवैधानिक सलाहकार बनाया गया
मूल संविधान हस्तलिखित था, जिस पर ब्यौहर राममनोहर सिन्हा, नंदलाल बोस समेत शांतिनिकेतन के कलाकारों ने खूबसूरत सजावट की थी।
कुल 1 करोड़ खर्च हुए थे संविधान सभा पर

कितने बजे बना था गणतंत्र
प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो, भारत सरकार के अनुसार देश में 26 जनवरी 1950 को सुबह 10.18 बजे भारत एक गणतंत्र बना। इस के छह मिनट बाद 10.24 बजे राजेंद्र प्रसाद ने भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। इस दिन पहली बार बतौर राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद बग्घी पर बैठकर राष्ट्रपति भवन से निकले थे।

अभी क्या है स्थिति
-444 अनुच्छेद
-12 अनुसूची
-122 संशोधन
-1,17,369 शब्द (अंग्रेजी संस्करण में)