
वडोदरा : एक तरफ तो देश में एलजीबीटी कानून और धारा ३७७ को लेकर विवाद चल रहा है। देश में उसकी मान्यता नहीं है। देश में समलैंगिक कानून को वैधानिक मान्यता दिलाए जाने के लिए समलैंगिक लंबे समय से मांग कर रहे हैं, वहीं राजपिपला शाही खानदान से संबंध रखने वाले युवराज मानवेंद्र सिंह गोहिल ने निर्णय लिया है कि वह राजपिपला के शाही पैलेस को एलजीबीटीक्यू (लेस्बियन, गे, बाईसेक्सुअल, ट्रांसजेंडर और क्वीर) कम्युनिटी सेंटर के लिए रिसोर्स सेंटर के रूप में विकसित करेंगे।
इस पैलेस में रह चुकी हैं कई मशहूर हस्तियां
गुजरात की नर्मदा नदी के दिलकश तट पर स्थित यह शाही पैलेस वही है, जो कभी भारत के वायसराय और लेखक यान फ्लेमिंग का भव्य स्वागत कर चुका है। इन्होंने भी इस शाही महल का दिल खोल कर खूब तारीफ की थी। युवराज गोहिल ने इस बारे जानकारी देते हुए कहा कि राजपिपाला के अंतिम शासक और मेरे दादा जी महाराजा विजय सिंह जी ने इस शाही संपत्ति का निर्माण कराया था। इस महल में अब तक भारत के वायसराय, हॉलीवुड सितारों समेत कई नामचीन हस्तियां आ चुकी हैं और करीब-करीब सभी ने इस जगह और महल की खूबसूरती की जम कर तारीफ की है।
15 एकड़ जमीन पर है स्थित
इस शाही महल का निर्माण युवराज मानवेंद्र सिंह गोहिल के पूर्वजों ने कराया था। नर्मदा जिले में स्थित राजपिपाला से यह 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और करीब 15 एकड़ जमीन पर इसे बनाया गया है। युवराज ने बताया कि वह अब यहां पर यौन अल्पसंख्यकों (एलजीबीटीक्यू ) के लिए एक रिसोर्स सेंटर बनाने जा रहे हैं। वह इस सेंटर को एलजीबीटीक्यू सेंटर नाम से बुलाते हैं। प्रिंस गोहिल ने कहा कि यह केंद्र एलजीबीटीक्यू समुदाय को कंप्यूटर, अंग्रेजी भाषा और अन्य रोजगारपरक चीजों का प्रशिक्षण देगा, ताकि वे रोजगार पा सकें और वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर हो सकें।
Published on:
09 Jan 2018 06:34 pm
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