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VIDEO- आसमान में दिखी रहस्यमयी चमकती रोशनी, अचरज में पड़े लोग

जिले के अंचलों में रोशनी बनी चर्चा का विषय

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खंडवा. जिले में शनिवार देर शाम एक-एक रहस्यमयी रोशनी आसमान में दिखाई दी। इससे पूरे जिले के लोगों में दहशत फैल गई है। प्रत्यक्षदर्शियों अनुसार शाम करीब 7.30 बजे आसमान में रहस्यमयी रोशनी दिखाई दी। इससे लोग अचरज में पड़ गए और दहशत फैल गई। लोगों मेंं इसको लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। लोगों ने बताया कि देेर शाम आसमान में रोशनी की कतार चलती हुई दिखी। जिले के अंचलों में ग्रामीणों ने इसको अपने कैमरे में कैद कर लिया। क्षेेत्र के एक व्यक्ति ने बताया कि देर शाम करीब 7.43 बजे आकाश में चककती रोशनी वाली कोई चीजों की कतार तेज गति से जाती दिखी। यह बिल्कुल रेलगाड़ी सी दिख रही थी। यह रोशनी बेहद चमकदार व सफेद थी। हमने पहली बार इस तरह का नजारा दिख रहा है। पूरे पांच मिनट तक यह दिखाई दिया और फिर यह रोशनी गायब हो गई।
यहां भी दिखाई दी रोशनी
– भगवानपुरा में रात करीब 7.40 बजे पर दिखाई दी रहस्यमयी रोशनी, लोगों ने मोबाइल पर ली फोटो।
– ओंकारेश्वर मंदिर और पुल के ऊपर रात करीब 7.45 बजे चमकदार रोशनी दिखाई दी। शिवपुरी निवासी आशीष केवट ने बताया कि हमें यह रोशनी एक से दो मिनट के लिए पुराने झूला पुल और ओंकारेश्वर मंदिर के शिखर के नजदीक दिखाई दे ऐसा लग रहा था जैसे कोई 40-50 किलो का चमकदार पत्थर ओंकारेश्वर मंदिर के शिखर के ऊपर से गुजरा हो।
– मथेला में रात करीब 8 बजे दिखाई दी रोशनी। लोगों ने बताया कि पहली नजऱ देखने पर लगा जैसे कोई आग का गोला तेज रफ्तार से आसमान को चीरता हुआ जा रहा है। जितने भी लोगों ने इस दृश्य को देखा उनके आश्चर्य का ठिकाना ना रहा। यह कोई उल्का पिंड था या धूमकेतु या राकेट या कुछ और यह तो तय नहीं हो पाया है। लेकिन इस दृश्य को कैमरे में हर किसी ने कैद किया गया है। वीडियो फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि चकाचौंध रोशनी से जगमगाती उल्का पिंड जैसी कोई चीज तेज गति से आसमान को पार करती हुई निकली जा रही है।
– रोशनी में करीब 8 बजे दिखाई दी रहस्यमयी रोशनी।
ये हो सकता है…….
– आकाश में कभी-कभी एक ओर से दूसरी ओर अत्यंत वेग से जाते हुए अथवा पृथ्वी पर गिरते हुए जो पिंड दिखाई देते हैं उन्हें उल्का और साधारण बोलचाल में ‘टूटते हुए तारे’ अथवा ‘लूका’ कहते हैं। उल्काओं का जो अंश वायुमंडल में जलने से बचकर पृथ्वी तक पहुँचता है उसे उल्कापिंड कहते हैं।
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