सागर. जल चाहे बरसाती हो, नदी-तालाबों का या भू-जल। जल की एक-एक बूंद कीमती है और इसे बचाना जरूरी है। जल संरक्षण के लिए पत्रिका समूह द्वारा चलाए जा रहे अमृतं जलम् अभियान के तहत दूसरे रविवार को दर्जनों लोग लेहदरा नाका स्थित बड़ी नदी पर जुटे। हाथों मे तगाड़ी, गैंती और फावड़ा लेकर शहर के लोग नदी के घाट पर उतरे और सफाई अभियान में सहभागिता निभाई। सुबह 7:30 बजे शुरू हुए अभियान में शहर के आम लोगों के साथ धार्मिक, राजनैतिक और सामाजिक संगठन से जुड़े लोग भी पहुंचे। विगत रविवार को यहां किए गए श्रमदान से घाट के पास मौजूद कचरा हटाया गया था। दूसरे रविवार को घाट के नीचे उतरकर लोगों ने गैंती-फावड़ा से विसर्जित किए जाने वाले कचरा को खोदकर एकत्रित किया और तगाड़ी में भरकर बाहर निकाला। मौजूद लोगों ने एक लाइन लगाकर निकाले गए कचरे को घाट के ऊपर एकत्रित किया जहां से कचरा गाड़ी में भरकर कचरा डंपिंग स्थान तक पहुंचाया गया।
आस्था को ठेस न पहुंचे इसलिए इस घाट की सफाई
भोपाल रोड लेहदरा नाका स्थित बड़ी नदी का ये घाट लोगों की आस्था का केंद्र है। भगवान गणेश और देवी प्रतिमाओं का विसर्जन करने शहर से लोग इसी घाट पर आते हैं। धार्मिक आयोजन, हवन-पूजन के उपयोग की सामग्री भी यहीं विसर्जित करते हैं। घाट पर गंदगी से लोगों की आस्था पर भी ठेस पहुंचती है। पत्रिका ने यहां 7 मई से यहां अमृतं जलम् अभियान के तहत सफाई अभियान की शुरूआत की थी।
पत्रिका के अभियान से युवाओं को मिलेगी प्रेरणा
अभियान में शामिल हुए शहर के बुद्धिजीवियों ने कहा कि पत्रिका का ये अभियान युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। शहर के लोग जल संरक्षण की दिशा में ऐसे प्रयास करें और जो प्रयास हो रहे हैं उसमें सहभागी बनें। पर्यावरण संरक्षण के कोई भी कार्यक्रम यदि आप अपनी भूमिका निभाते हैं तो आप भी अच्छा अनुभव महसूस करेंगे। स्कूल-कॉलेजों और सामाजिक संगठनों में इसकी जल संरक्षण की चर्चा होनी चाहिए। लोग जागरूक होंगे तो जल स्रोतों को दूषित होने से बचाया जा सकता है।