
क्षत्रिय सभा द्वारा आयोजित साफा व धोती प्रशिक्षण शिविर फ्री बीकानेर राजस्थानी लोक संस्कृति व पोशाक के बारे में बात करें तो सबसे पहले साफा या पगड़ी ही आँखों के सामने आती हैंए राजस्थान पगड़ियों का ही प्रदेश हे आज के समय में कोई भी सामाजिक अथवा धार्मिक आयोजन बिना पगड़ी के सम्पन्न नहीं होता है इसलिए हमारे जीवन का पगड़ी या साफा विभिन्न अंग बन गया है संदीप सिहं राठौड़ और उनकी टीम साफा व धोती का प्रशिक्षण फ्री दे रहे हैं फोटो नौशाद अली

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क्षत्रिय सभा द्वारा आयोजित साफा व धोती प्रशिक्षण शिविर फ्री बीकानेर राजस्थानी लोक संस्कृति व पोशाक के बारे में बात करें तो सबसे पहले साफा या पगड़ी ही आँखों के सामने आती हैंए राजस्थान पगड़ियों का ही प्रदेश हे आज के समय में कोई भी सामाजिक अथवा धार्मिक आयोजन बिना पगड़ी के सम्पन्न नहीं होता है इसलिए हमारे जीवन का पगड़ी या साफा विभिन्न अंग बन गया है संदीप सिहं राठौड़ और उनकी टीम साफा व धोती का प्रशिक्षण फ्री दे रहे हैं फोटो नौशाद अली